‘परजीवी’ कांग्रेस का लोगों के साथ ‘विश्वासघात’ जगजाहिर : नरेन्द्र मोदी

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‘परजीवी’ कांग्रेस का लोगों के साथ ‘विश्वासघात’ जगजाहिर : नरेन्द्र मोदी

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 04:46 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

बेंगलुरु, 10 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस को निशाना बनाते हुए उस पर कर्नाटक में आंतरिक सत्ता संघर्ष के कारण सुशासन प्रदान करने में ‘विफल’ रहने और जनता के साथ ‘विश्वासघात’ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि वह आज ‘परजीवी पार्टी’ बन गयी है।

उन्होंने कहा कि देश भर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के बीच बेंगलुरु से एक ‘भगवा सूर्य’ का उदय हो रहा है।

उनका इशारा हाल में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत की ओर था।

मोदी ने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं की एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा, “कर्नाटक में पिछले तीन वर्षों से सरकार का अधिकांश समय लोगों की समस्याओं का हल ढूंढने के बजाय आंतरिक संघर्षों को सुलझाने में व्यतीत हुआ है। कांग्रेस सरकार नेतृत्व और सत्ता-साझाकरण व्यवस्था पर अनिश्चितता से घिरी रही।’’

वह पिछले छह महीनों से मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच चल रहे कथित सत्ता संघर्ष का जिक्र कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस यह तय नहीं कर पा रही है कि मुख्यमंत्री कब तक पद पर बने रहेंगे। वह यह भी तय नहीं कर पा रही है कि किसी और को मौका मिलेगा या नहीं। सब कुछ अधर में लटका हुआ है।’’

मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार कुछ ही महीनों में सत्ता-विरोधी लहर का सामना करने लगती है क्योंकि पार्टी के पास शासन का कोई एजेंडा नहीं होता।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि कांग्रेस को सिर्फ जनता को धोखा देना आता है। वे (कांग्रेस के नेता) खुद झूठे हैं और उनकी गारंटियां भी झूठी होती हैं। कांग्रेस की सत्ता की किताब में शासन का कोई अध्याय ही नहीं है।’’

प्रधानमंत्री ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को राजनीतिक स्थिरता और विकास के प्रतीक के रूप में पेश किया जबकि कांग्रेस को ‘विश्वासघात की राजनीति’ और पार्टी शासित राज्यों में प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बताया।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा अनिश्चित वैश्विक माहौल में स्थिरता का प्रतिनिधित्व करती है तथा राज्यों में हाल के चुनाव परिणाम राजग के शासन मॉडल के लिए बढ़ते जन समर्थन को दर्शाते हैं।

पुडुचेरी और असम में राजग के सत्ता में बने रहने, पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा के सरकार बनाने और गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी की व्यापक जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि ये परिणाम एक निर्णायक राजनीतिक बदलाव का संकेत देते हैं।

उन्होंने कहा, “ये चुनाव परिणाम भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हैं। ये भारत के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के मिजाज को दर्शाते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत के लोग कह रहे हैं कि वे ‘स्कैम’ (घोटाले) नहीं, ‘स्पीड’ (तेजी) चाहते हैं, वे समाधान चाहते हैं। वे राष्ट्रीय नीति पर आधारित राजनीति चाहते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा को मजबूत करने में कर्नाटक ने ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, यहां तक ​​कि पार्टी के शुरुआती वर्षों में भी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं देख सकता हूं कि आज बेंगलुरु की धरती से भगवा सूर्य का उदय हुआ है। जब भाजपा इतनी बड़ी पार्टी नहीं थी, तब भी कर्नाटक ने इसे जबरदस्त ताकत दी।’’

मोदी ने कहा कि लोकसभा प्रतिनिधित्व के मामले में भाजपा अब कर्नाटक में नंबर एक पार्टी है और पड़ोसी राज्य तेलंगाना में दूसरी सबसे बड़ी ताकत है।

दक्षिण और पूर्वी भारत में भाजपा के विस्तार की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले पश्चिम बंगाल में मात्र तीन विधायकों से आगे बढ़कर पार्टी अब 200 से अधिक विधायकों के साथ सरकार बनाने में सफल हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि केरल में भाजपा विधायकों की संख्या में एक से बढ़कर तीन हो जाना इस बात का संकेत है कि राजग अंततः वहां भी एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरेगा और आने वाले वर्षों में सरकार बनाएगा।

उन्होंने यह भी पूछा कि हाल के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद कांग्रेस ने केरल में सरकार क्यों नहीं बनाई।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस आलाकमान अभी तक केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी के चलते किसी भी नेता का चयन नहीं कर पाया है।

उन्होंने कहा, “हम केंद्र में 12 वर्षों से सत्ता में हैं। भाजपा-राजग सरकारें 21 से अधिक राज्यों में सत्ता में हैं। हम इस सिद्धांत पर काम कर रहे हैं कि राज्यों का विकास राष्ट्र के विकास की ओर ले जाता है।”

कांग्रेस नेतृत्व पर हमला जारी रखते हुए मोदी ने कहा कि पार्टी एक समय में 400 से अधिक लोकसभा सीट जीतने के बावजूद पिछले तीन आम चुनावों में 100 सीटों का आंकड़ा पार करने में विफल रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी चुनावी हार के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भी अवमानना ​​प्रदर्शित करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में मैंने किसी भी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी को इस तरह व्यवहार करते नहीं देखा। वे (कांग्रेस के नेता) इतनी गहरी निराशा में डूब चुके हैं कि उनके पास अपशब्दों का प्रयोग करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं बचा है।’’

उन्होंने कहा कि द्रमुक के समर्थन के कारण कांग्रेस वर्षों तक राजनीतिक रूप से टिकी रही लेकिन सत्ता समीकरण बदलने पर उसने क्षेत्रीय पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा।

उनका इशारा द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग होने के बाद अभिनेता-राजनेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके द्वारा तमिलनाडु में सरकार बनाने को कांग्रेस के समर्थन की ओर था।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी नेतृत्व व्यवस्था को लेकर वादे करके और बाद में उन्हें तोड़कर अपने ही नेताओं के साथ ऐसा ही विश्वासघात किया है।

उन्होंने कहा,‘‘कर्नाटक में अब भी वही खेल चल रहा है। अब केरल की बारी आ गई है।’’

मोदी ने कहा, ‘‘अब परजीवी कांग्रेस को एक और पार्टी की जरूरत है जिसके कंधों पर सवार होकर वह राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनी रह सके।’’

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश