नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने सरकार से सिफारिश की है कि कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन की समीक्षा करने के साथ इसमें बढ़ोतरी की जाए।
समिति ने ‘एग्रीगेटर्स’ द्वारा ई-श्रम पोर्टल पर गिग श्रमिकों का पंजीकरण अनिवार्य करने और एग्रीगेटर की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने की सिफारिश की है ताकि इन श्रमिकों को बीमा और दुर्घटना कवर जैसी सामाजिक सुरक्षाएं मिल सकें।
कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन प्रदान किया जाता है, जिसके लिए कम से कम 10 साल की सेवा अनिवार्य है।
श्रम, वस्त्र और कौशल विकास संबंधी स्थायी समिति ने ईपीएस, 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन की तत्काल समीक्षा और वृद्धि की सिफारिश की है, जो वर्तमान में केवल 1,000 रुपये प्रति माह है।
भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट आज लोकसभा में पेश की गई।
समिति ने कमजोर श्रमिकों की वास्तविक आय की रक्षा के लिए स्वचालित आवधिक संशोधन तंत्र का भी सुझाव दिया है।
रिपोर्ट में सर्व शिक्षा अभियान के साथ राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के विलय पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की गई है, ताकि बाल श्रम के उन्मूलन और पुनर्वास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा सके।
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