Adhav Arjuna On Sanatana Dharma : TVK नेता आधव अर्जुना का तीखा वार: “हम हिंदुओं के दुश्मन नहीं, लेकिन…” जानें आखिर क्यों दी मंत्री ने ऐसी सफाई

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तमिलनाडु के मंत्री और TVK महासचिव Aadhav Arjuna के हिंदुत्व और सनातन धर्म पर दिए गए बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई हिंदुओं से नहीं, बल्कि हिंदुत्व की विचारधारा से है।

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  • Publish Date - May 15, 2026 / 07:36 AM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 07:43 AM IST

Adhav Arjuna On Sanatana Dharma / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुना ने हिंदुत्व और सनातन धर्म पर बड़ा बयान दिया।
  • उन्होंने कहा कि वे हिंदुओं के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुत्व की विचारधारा के विरोधी हैं।
  • सनातन धर्म को असमानता से जोड़ने वाले बयान के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई।

चेन्नई: Adhav Arjuna On Sanatana Dharma मिलनाडु में एक बार फिर सनातन धर्म और हिंदुत्व को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। तमिलनाडु सरकार के मंत्री और TVK के महासचिव आधव अर्जुना ने उदयनिधि स्टालिन के ‘सनातन’ वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई हिंदुओं के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुत्व की विचारधारा के खिलाफ है। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

हिंदुत्व का मतलब अपना धर्म दूसरों पर थोपना है

मंत्री आधव अर्जुना ने हिंदुत्व और सनातन धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि हिंदुत्व का अर्थ अपना धर्म दूसरों पर थोपना है। उन्होंने उत्तर भारत और तमिलनाडु के परिप्रेक्ष्य में अंतर बताते हुए कहा कि उत्तर में सनातन धर्म का मतलब हिंदू हो सकता है, लेकिन तमिलनाडु में इसका अर्थ ‘असमानता’ से जोड़ा जाता है, और वे हमेशा इस असमानता के खिलाफ हैं।

TVK सभी धर्मों का सम्मान करती है

आधव अर्जुना ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी TVK सभी धर्मों का सम्मान करती है और हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी को हमेशा बराबर मानती है। व्यक्तिगत आस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं भगवान में विश्वास नहीं रखते, लेकिन एक मंत्री होने के नाते वे सभी धर्मों का पूरा सम्मान करते हैं।

Hindutva Vs Hindu तमिलनाडु हमेशा बराबरी और समानता पर आधारित रहा है

मंत्री ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु हमेशा बराबरी और समानता पर आधारित रहा है, इसलिए किसी भी धर्म को थोपना गलत है। आधव अर्जुना का यह बयान द्रविड़ विचारधारा और सनातन धर्म के बीच चल रहे तनाव के बीच आया है, जिसमें उन्होंने साफ किया है कि वे किसी धर्म के विरोध में नहीं बल्कि धर्म के नाम पर होने वाली असमानता के विरोधी हैं।

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