नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि पेंशनभोगियों की शिकायतों की वास्तविक समय पर निगरानी को आसान बनाने वाली एक ऑनलाइन प्रणाली के परिणामस्वरूप औसतन करीब 21 दिनों में निवारण के साथ जवाबदेही में सुधार हुआ है।
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि केंद्रीय पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली ने एक ऑनलाइन मंच प्रदान कर केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए शिकायत निवारण की पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर निवारण में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के तहत मंत्रालयों और विभागों द्वारा वास्तविक समय पर निगरानी, समयबद्ध निवारण और निरंतर निरीक्षण संभव होती है, जिसके परिणामस्वरूप निवारण में कम देरी होती है और इसमें औसतन करीब 21 दिन का समय लगता है।
सिंह ने डिजिटल पेंशन सुधारों का विवरण देते हुए कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को पेंशन वितरण अधिकारियों के डेटाबेस में अपडेट किया जाता है, जिससे पेंशन की निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित होती है।
उन्होंने कहा, ‘जीवन प्रमाण’ से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने और पेंशन संवितरण प्राधिकरण से रिकॉर्ड अपडेट करने पर पेंशनभोगियों के मोबाइल फोन पर एसएमएस संदेश स्वचालित रूप से प्राप्त होते हैं, जिससे बेहतर पारदर्शिता और पेंशनभोगियों को समय पर लाभ सुनिश्चित होता है।
भाषा अविनाश सुभाष
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