ऋषिकेश, 22 मार्च (भाषा) उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने ऋषिकेश को आध्यात्मिक चेतना और साधना का प्रमुख केंद्र बताते हुए रविवार को लोगों से अपील की कि वे राज्य आकर योग एवं आध्यात्मिकता का अनुभव करें।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग और राज्य सरकार के उपक्रम गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) द्वारा यहां आयोजित अन्तरराष्ट्रीय योग महोत्सव-2026 के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह समापन समारोह नहीं, बल्कि एक नए संकल्प का श्रीगणेश है, जिसके माध्यम से योग का संदेश सम्पूर्ण मानवता तक पहुंचाया जाना है।
उन्होंने कहा,‘‘हिमालय की पावन गोद एवं मां गंगा के तट पर स्थित ऋषिकेश विश्व में आध्यात्मिक चेतना और साधना का प्रमुख केंद्र है। यहां की पवित्र भूमि से योग का संदेश सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित होता है।’’
राज्यपाल ने सभी का आह्वान किया कि वे उत्तराखंड, विशेषकर ऋषिकेश और हरिद्वार, आकर योग एवं आध्यात्मिकता का अनुभव करें।
सिंह ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा की एकता का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि जीवन में आनंद, शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करना है, तो योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वैश्विक महामारी ने हमें स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है और योग तथा आयुर्वेद के माध्यम से हम अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग आज वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है और यह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज विश्व योग को अपनी सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठकर अपना रहा है।
एक सप्ताह तक चले इस महोत्सव में 33 देशों से आए 250 विदेशियों समेत 2500 से अधिक योग साधकों ने हिस्सा लिया।
भाषा सं दीप्ति
धीरज
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