रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की गहन जांच हो: भाजपा

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रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की गहन जांच हो: भाजपा

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  • Publish Date - June 17, 2026 / 01:12 PM IST,
    Updated On - June 17, 2026 / 01:12 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के रांची स्थित कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले की गहन जांच किए जाने की मांग करते हुए बुधवार को कहा कि यह झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)- कांग्रेस सरकार के शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।

अज्ञात लोगों ने मंगलवार देर रात रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर कथित रूप से पेट्रोल बम फेंके थे जिसके बाद भाजपा ने यह टिप्पणी की।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है।

पूनावाला ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘दो लोगों ने रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके। इससे पता चलता है कि झामुमो-कांग्रेस सरकार के शासन में झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी है।’’

उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों की पहचान करने और हमले के मकसद का पता लगाने के लिए मामले की गहन जांच होनी चाहिए।

पूनावाला ने कहा, ‘‘इसकी पूरी और गहन जांच होनी चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऐसी घटनाओं का षड्यंत्रकारी कौन है और इसके पीछे क्या मकसद है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है और उन्होंने हाल में कुछ लोगों द्वारा आरएसएस के खिलाफ की गई ‘‘द्वेषपूर्ण’’ टिप्पणियों का भी उल्लेख किया।

पूनावाला ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि कोई साजिश चल रही है और आरएसएस को निशाना बनाया जाना किसी बड़ी योजना का हिस्सा है। हमने देखा है कि हाल में कुछ लोगों ने आरएसएस के खिलाफ किस तरह के विषैले बयान दिए और उसके बाद यह हमला हुआ।’’

उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों और घटना के बीच कोई सीधा संबंध नहीं जोड़ा जाना चाहिए लेकिन आरएसएस के खिलाफ शत्रुता का माहौल बनाया जा रहा है और ऐसी बयानबाजी के खतरनाक परिणाम हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों को सीधे तौर पर नहीं जोड़ा जाना चाहिए, लेकिन यह स्पष्ट है कि आरएसएस के खिलाफ जहर एवं द्वेष फैलाया जा रहा है और इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं।’’

पूनावाला ने आरएसएस के प्रति ‘‘बढ़ती असहिष्णुता’’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रवादी संगठनों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों की पहचान की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस जैसे राष्ट्रवादी संगठनों के खिलाफ कुछ तत्व इस तरह की असहिष्णुता, नफरत और शत्रुता क्यों फैला रहे हैं? इन सवालों के जवाब मिलने चाहिए।’’

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा