नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने राष्ट्रीय राजधानी में मोटरसाइकिल में धड़ल्ले से ‘मॉडिफाइड’ या ‘मानकों को पूरा नहीं करने वाले साइलेंसर’ लगाये जाने पर चिंता जताते हुए ऐसे उल्लंघनों पर दंड दिए जाने की सिफारिश की है।
गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मोटरसाइकिल में ‘मॉडीफाइड’ या मानकों को पूरा नहीं करने वाले साइलेंसर लगाए गए हैं, जो अत्यधिक शोर करते हैं। इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आम लोगों एवं राहगीरों को परेशानी होती है।
समिति के अध्यक्ष भाजपा के राज्यसभा सदस्य राधा मोहन दास अग्रवाल हैं।
समिति ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह नियमित जांच अभियान, कठोर दंड और परिवहन अधिकारियों के साथ समन्वय के माध्यम से ऐसे उल्लंघनों के खिलाफ प्रवर्तन को मजबूत करे, ताकि निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगों पर अपनी 257वीं रिपोर्ट में समिति ने राजधानी में अनावश्यक ‘हॉर्न’ बजाने पर भी चिंता व्यक्त की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे खासकर रिहायशी इलाकों, स्कूलों, अस्पतालों और अदालतों के आसपास ध्वनि प्रदूषण और लोगों को परेशानी होती है।
समिति ने यह सिफारिश की है कि दिल्ली पुलिस ‘हॉर्न’ और ‘प्रेशर हॉर्न’ (आम तौर पर बस और ट्रक में इस्तेमाल किये जाने वाले) के उपयोग से संबंधित प्रावधानों का सख्ती से पालन करे, विशेष रूप से अधिसूचित ‘‘नो-हॉर्न ज़ोन’’ में, और अनावश्यक हॉर्न बजाने से रोकने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाए।
समिति ने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर भीख मांगना सुरक्षा के लिए खतरा है और यातायात को अवरूद्ध करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने यह अनुशंसा की है कि दिल्ली पुलिस सामाजिक कल्याण विभागों और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर मानवीय और पुनर्वास दृष्टिकोण के माध्यम से इस मुद्दे का समाधान करे तथा प्रमुख चौराहों पर निरंतर प्रवर्तन सुनिश्चित करे।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश