नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सभी केंद्रीय मंत्रियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनके मंत्रालय और विभाग देश भर में जारी भीषण गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी की स्थिति से निपटने के लिए ‘‘राष्ट्रव्यापी’’ दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया।
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों, विशेष रूप से स्वास्थ्य और जल संसाधन जैसे विभागों को, लोगों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए उपयुक्त उपाय करने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी मंत्रालयों, विशेषकर स्वास्थ्य और जल संसाधन जैसे मंत्रालयों को, लोगों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए और इस संबंध में विचार करना चाहिए कि क्या उपाय किए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी बड़ी चुनौतियों का समाधान राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिसमें केंद्र, राज्य और नागरिक मिलकर काम करें।’’
सरकार द्वारा किये जाने वाले उपायों के बारे में पूछे जाने पर, वैष्णव ने कहा कि संबंधित मंत्रालय और विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना बनाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र ने राज्य सरकारों से भी संपर्क किया है।
बुधवार को मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तापमान के मद्देनजर देशवासियों से हर संभव सावधानी बरतने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ‘‘बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग भीषण गर्मी में सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और यहां तक कि लू लगने का कारण भी बन सकता है। ऐसे मौसम में, समय पर देखभाल और ध्यान देना बहुत जरूरी है।’’
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