बेंगलुरु, 29 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान बेंगलुरु स्थित ‘प्रयोग इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च’ के प्रमुख अन्वेषण कार्यक्रम की प्रशंसा की।
उन्होंने इसका उल्लेख विद्यालयों में विभिन्न पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को सुलभ बनाने की दिशा में एक ‘आदर्श पहल’ के रूप में किया।
मोदी ने छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रयोग आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा,‘‘अभ्यास से ही मनुष्य परिपूर्ण बनता है। अधिक अभ्यास से अधिक ज्ञान प्राप्त होता है। बेंगलुरु स्थित प्रयोग की अनूठी शैक्षिक पहल स्कूली स्तर पर विज्ञान के अनुसंधान और प्रचार-प्रसार पर केंद्रित है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अन्वेषण नामक यह पहल नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को रसायन विज्ञान, भूविज्ञान और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों से जोड़ती है, जिससे नवाचार के अवसर मिलते हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों को व्यावहारिक अनुसंधान अनुभव और अपने काम को प्रकाशित करने के लिए एक मंच प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘प्रयोग की पहल सराहनीय है क्योंकि यह छात्रों को विज्ञान से जुड़ने में मदद करती है और उन्हें व्यावहारिक रूप से सीखने का प्रदर्शन करने के अवसर प्रदान करती है। जब छात्र स्वयं कुछ करते हैं, तो उनमें स्वाभाविक रूप से जिज्ञासा विकसित होती है। कौन जानता है, ऐसी पहलों से कोई भविष्य में एक महान वैज्ञानिक बन जाए।’’
अन्वेषण की शुरुआत 2022 में की गई थी और इसमें विभिन्न विषयों में छात्रों के नेतृत्व वाली कई शोध परियोजनाओं का समर्थन किया गया है। इनमें से कई शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमुख पत्रिकाओं में जगह मिली है।
प्रयोग के संस्थापक और मुख्य मार्गदर्शक डॉ. एच.एस. नागराज ने प्रधानमंत्री को सराहना के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह पहल वर्तमान में 12,000 से अधिक सरकारी विद्यालयों के छात्रों तक पहुंच रही है, और उन्हें मुफ्त में व्यावहारिक शिक्षा के अवसर प्रदान कर रही है।
भाषा धीरज दिलीप
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