PM Modi Live Speech Parliament Lok Sabha || Image- ANI News File
नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में सम्बोधन दे रहें है। अपने भाषण में उन्होंने कहा, “मेरा स्वार्थ नहीं, आपको क्रेडिट चाहिए तो ले लो। आपको करना नहीं था, इसलिए बहाने लगा दिए। अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे। सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा। (PM Modi Live Speech Parliament Lok Sabha) 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया। अब छोड़ दो न भाई। यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।”
पीएम ने कहा, “हम भ्रम में न रहें, मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं मैं कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं। ये उनका हक है और हमने कई दशकों से उसको रोका है। आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है। हम सब जानते हें कि कैसे चालाकी चतुराई की है। हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया। लेकिन अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे। सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा। (PM Modi Live Speech Parliament Lok Sabha) 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया। अब छोड़ दो न भाई। यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है।”
पीएम मोदी बोले, “अगर आपको गारंटी चाहिए तो वो भी देता हूं। मैं कहना चाहूंगा कि यहां बैठकर हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है। कश्मीर हो या कन्या कुमारी हम एक देश के रूप में ही इसे सोच सकते हैं. ये प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी। भूतकाल में जो सरकार रहीं, जो उस समय से अनुपात चला आ रहा है उसमें भी बदलाव नहीं होगा। पीएम मोदी ने कहा किअगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं। तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं, क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।”
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले दिनों जब हम 2023 में चर्चा कर रहे थे तब हर कोई कह रहा था कि इसे जल्दी करो। तब हमारे पास समय नहीं था। अब हम इसे 2029 में करने वाले हैं। इसलिए समय की मांग है कि हम और ज्यादा विलंब न करें। (PM Modi Live Speech Parliament Lok Sabha) इस दौरान संविधान के जानकार लोगों से चर्चा की, सारा मंथन करते करते। यह सामने आया कि कुछ रास्ता निकालना होगा तब हम माता बहनों की शक्ति को जोड़ सकते हैं।
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