pm modi loksabha/ IMAGE SOURCE: IBC24 X HANDLE
PM Modi Speech Loksabha: नई दिल्ली: लोकसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi का संबोधन शुरू हो चुका है, जहां उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पल बताया। पीएम मोदी ने कहा कि हम सब भाग्यवान हैं कि आज देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण की प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का अवसर मिल रहा है और यह कदम भारत के लोकतंत्र को नई दिशा देने वाला साबित होगा। महिला आरक्षण विधेयक पर अपने संबोधन में कहा कि देश में पंचायत स्तर पर महिलाओं को 50 प्रतिशत तक आरक्षण देने का निर्णय इसलिए संभव हो पाया क्योंकि वहां निर्णय लेने वालों को अपना पद खोने का डर नहीं था।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपने संबोधन में कहा कि’ जब मैं संगठन का एक कार्यकर्ता था तब चर्चा सुनने मिलती थी कि देखिए ये कैसे लोग हैं, पंचायतों में आरक्षण आराम से दे देते हैं, लेकिन क्योंकि उनमें उनको खुद का पद जाने का डर नहीं लगता है। हम सुरक्षित हैं इसलिए दे दो। इसलिए पंचायत में 50 प्रतिशत तक पहुंच गए। मैं एक और बात कहता हूं कि जिसने 30 साल पहले जिसने विरोध किया वह राजनीतिक गलियारों से नीचे नहीं गया।लेकिन ग्रास रूट पर आज वहीं बहनें वोकल हैं। लाखों बहनें जो काम कर चुकी हैं वे मुखरित हैं। वे कहती हैं कि हमें निर्णय प्रकि्रया में जोड़ो। जो संसद में होती है’।
बताते चलें कि, संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े तीन अहम विधेयक आज लोकसभा में पेश किए गए, जिस पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कानून मंत्री Arjun Meghwal ने सदन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से ये बिल पेश किए।
विपक्ष ने इन विधेयकों का जोरदार विरोध किया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर संविधान को “हाइजैक” करने का आरोप लगाया। वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा, तब तक इस कानून का कोई मतलब नहीं है। इस पर गृह मंत्री Amit Shah ने स्पष्ट जवाब देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना गैर-संवैधानिक है और इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण पर सवाल किया, जिस पर अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि सपा चाहे तो अपने टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है, सरकार को इससे कोई आपत्ति नहीं है।
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