चेन्नई, 14 मार्च (भाषा) तमिल कवि और गीतकार वैरामुथु को प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
वह तीसरे तमिल लेखक होंगे जिन्हें देश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
वैरामुथु (72) से पहले 1975 में तमिल उपन्यासकार अकिलन और 2002 में जयकांतन (2002) को सम्मानित किया गया था।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गीतकार को सम्मानित करने की घोषणा पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी।
स्टालिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि उनकी मुलाकात कवि से दिन में हुई थी और खबर मिलने के कुछ ही समय बाद यह खबर पहुंची, जिससे उनकी मुलाकात की खुशी और बढ़ गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैरामुथु को पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार की कविता में महारत हासिल है, तमिल साहित्य में अपने नवाचारों के लिए वास्तव में वे इस सम्मान के पात्र हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कलाइग्नार करुणानिधि आज जीवित होते, तो वह कवि को गले लगाकर उनका अभिनंदन करते। मैं उनकी जगह कवि को बधाई देता हूं। पूरा तमिलनाडु इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है।’’
भाषा धीरज माधव
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