पालघर, छह जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र पुलिस ने विदेशी मुद्रा और सोने के कारोबार से जुड़ी ऑनलाइन योजनाओं के जरिए सैकड़ों लोगों से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम देने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने अब तक महाराष्ट्र से सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जो देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 50 से अधिक आपराधिक मामलों से जुड़े हैं। पुलिस को संदेह है कि गिरोह के सरगना देश के बाहर से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे।
मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जालसाज वैवाहिक वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से विश्वास जीतकर पीड़ितों को निशाना बनाते थे। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी वाली योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता था।
उन्होंने बताया कि पुलिस को अहम सफलता 12 नवंबर, 2025 को तब मिली जब धोखाधड़ी की शिकायत की जांच करते हुए मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर स्थित ‘शिवसाई रेजिडेंसी लॉज एंड बोर्डिंग’ पर छापेमारी की गई।
अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में धन शोधन और कर चोरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों के जरिये अवैध धन प्राप्त करने की साजिश रचने के आरोप में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद से पुलिस सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की जांच से पता चला है कि उनका संबंध महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे और नागपुर तथा दिल्ली, तेलंगाना, कर्नाटक, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और गोवा सहित कई राज्यों में दर्ज 51 अलग-अलग अपराधों से है।
एक अधिकारी ने कहा, “हमारी टीमें धन के लेनदेन की कड़ी का पता लगाने में जुटी हैं, जिसकी राशि फिलहाल 200 करोड़ रुपये से अधिक है। इन 51 एफआईआर को समेकित करने और विदेश में बैठे हैंडलरों की पहचान के लिए हम विभिन्न राज्यों के पुलिस विभागों और साइबर प्रकोष्ठ के साथ समन्वय कर रहे हैं।”
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रोशन कुमार सिद्धराम शेट्टी, अबीर उर्फ सचिर मोहम्मद खान, सनद संजीव दास, राहुल कुमार उर्फ कैलाश राकेश कुमार, आमिर करम शेरखान, अभिषेक अनिल नारकर उर्फ गोपाल और मोहम्मद राशिद फकीर मोहम्मद बलूच उर्फ लकी के रूप में हुई है।
भाषा यासिर पवनेश
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