केरल विस के निकट प्रदर्शन कर रहे भाकपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछार की

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केरल विस के निकट प्रदर्शन कर रहे भाकपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने पानी की बौछार की

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 03:02 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 03:02 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 22 जून (भाषा) केरल विधानसभा के बाहर पीएम-श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं पर सोमवार को पुलिस ने पानी की बौछार की। उस समय पूर्व मंत्री और पार्टी विधायक के. राजन प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर रहे थे।

यह प्रदर्शन आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और आल इंडिया यूथ फेडरेशन (एआईवाईएफ) द्वारा आयोजित किया गया था। दोनों संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से संबद्ध हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना से अलग हो।

पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।

हालांकि, बाद में भाकपा और विपक्षी दलों के विरोध के बाद इस प्रक्रिया को रोक दिया गया था।

संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का कहना है कि इस समझौते को वापस नहीं लिया जा सकता, क्योंकि पिछली सरकार ने इस पर हस्ताक्षर किए थे और योजना के तहत धनराशि भी प्राप्त की थी। विपक्ष में रहते हुए यूडीएफ ने पीएम-श्री मुद्दे पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के खिलाफ अभियान चलाया था।

एआईएसएफ और एआईवाईएफ के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर की ओर मार्च किया, लेकिन पुलिस ने स्थल के निकट बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। उस समय विधानसभा का सत्र चल रहा था और राज्य के बजट पर चर्चा हो रही थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे, नारेबाजी करते रहे और वहां से हटने से इनकार कर दिया।

बाद में राजन प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, तभी पुलिस ने पानी की बौछार की। राजन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। इसके बावजूद दो बार पानी की बौछार की गई। इसके लिए गंदे पानी का इस्तेमाल किया गया। ऐसा व्यवहार तो अपराधियों के साथ भी नहीं किया जाता।’’

उन्होंने कहा कि जब वह स्थल पर पहुंचे, तब प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं साथियों को संबोधित कर रहा था और उनसे शांतिपूर्वक तितर-बितर होने का आग्रह कर रहा था। उसी दौरान पुलिस ने इस बात की परवाह किए बिना पानी की बौछार कर दी कि मैं विधानसभा में भाकपा का नेता हूं। हम इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं और इसे हल्के में नहीं लेंगे।’’

गौरतलब है कि भाकपा ने उस समय भी विरोध प्रदर्शन किए थे, जब वह उस एलडीएफ सरकार का हिस्सा थी जिसने पीएम-श्री योजना के एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे।

पार्टी नेताओं ने कहा कि पीएम-श्री समझौते को वापस लिए जाने तक यूडीएफ सरकार के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा।

भाषा अमित मनीषा नरेश

नरेश