एलपीयू हिंसा को लेकर राजनीतिक विवाद, भाजपा सहित विपक्षी दलों ने आप पर निशाना साधा
एलपीयू हिंसा को लेकर राजनीतिक विवाद, भाजपा सहित विपक्षी दलों ने आप पर निशाना साधा
चंडीगढ़, 28 सितंबर (भाषा) फगवाड़ा की ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोपों के बाद हुई हिंसा सोमवार को एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गई तथा विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यह भी आरोप लगाया कि हिंसा का संबंध 30 सितंबर को जालंधर में होने वाली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से है। उसने भगवंत मान सरकार पर विश्वविद्यालय में उपद्रवियों को भेजने का आरोप लगाया।
शाह भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन के मौके पर रैली को संबोधित करेंगे।
आरोप है कि शनिवार देर रात एलपीयू के विद्यार्थियों ने परिसर में भारी तोड़-फोड़ की और नयी दिल्ली-अमृतसर हाईवे का एक हिस्सा जाम कर दिया। यह हंगामा इस दावे के बाद हुआ कि विश्वविद्यालय परिसर में एक नलसाज (प्लंबर) ने एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था।
सोमवार को एलपीयू में हालात शांतिपूर्ण रहे।
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि भाजपा की नशा-विरोधी यात्राओं को मिल रहे समर्थन से आप ‘घबरा’ गई है। उन्होंने मान सरकार पर जालंधर में शाह की तय रैली में खलल डालने के लिए दंगे होने देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पंजाब में कुछ महीनों में सरकार बदलने वाली है और अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
बिट्टू ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ‘लापरवाही’ बरती, जिससे उपद्रवियों को आगजनी और तोड़-फोड़ करने का मौका मिला और पुलिसकर्मी एवं विद्यार्थी घायल हो गए।
बिट्टू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने कथित तौर पर बदला लेने के लिए एलपीयू में उपद्रवियों को भेजा था।
बिट्टू ने रविवार देर रात ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि अशोक मित्तल के आप छोड़ने के बाद, पार्टी ने कथित तौर पर एलपीयू को बंद कराने के लिए एक खतरनाक साजिश रची।
आप से भाजपा में आये मित्तल एलपीयू के संस्थापक कुलाधिपति हैं।
बिट्टू ने आरोप लगाया, ‘‘30 सितंबर को जालंधर में अमित शाह जी की रैली भी होने वाली है और सरकार जानती है कि इसमें लाखों लोग शामिल होंगे। पंजाब के लोगों से भाजपा को मिल रहे समर्थन से आप घबरा गई है और रैली में बाधा डालने के लिए जालंधर में दंगे होने दे रही है।’’
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि एलपीयू के हालात ‘बेहद चिंताजनक’ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मान सरकार ‘गहरी नींद में सोई हुई है।’
वडिंग ने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब विद्यार्थी सुरक्षा, समर्थन और जवाब तलाश रहे हैं, कांग्रेस मजबूती से उनके साथ खड़ी है। हमारे लिए हर विद्यार्थी की सुरक्षा और भलाई सबसे पहले है।’’
उन्हों कहा, ‘‘मैं एलपीयू के हर विद्यार्थी से अपील करता हूं कि अगर आपको किसी भी तरह की मदद की आवश्यकता हो, तो कृपया मुझसे संपर्क करें। मैं आपके साथ खड़े रहने और हर संभव मदद देने की पूरी कोशिश करूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एलपीयू हुई हिंसा पंजाब में कानून-व्यवस्था की विफलता का सबूत है।’’
वरिष्ठ अकाली नेता और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एलपीयू विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज की निंदा की।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा,‘‘कि कल रात फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिले। पुलिस जिसे ‘हल्का’ लाठीचार्ज बता रही है, मैं उसकी कड़ी निंदा करता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ क्योंकि इन दृश्यों में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि ‘खाकी वर्दी वाले’ — जो सीधे गृह मंत्री या मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते हैं — युवाओं, और ख़ासकर लड़कियों को बेरहमी से पीट रहे हैं, घसीट रहे हैं, उनके साथ बदसलूकी कर रहे हैं और उन्हें जमीन पर गिरा रहे हैं।’
भाजपा नेता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कहा कि एलपीयू में जो हुआ, वह ‘कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि क्या यह अशांति जान-बूझकर भड़काई गई थी और क्या इसका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के 30 सितंबर के कार्यक्रम से कोई संबंध है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए, इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।’’
भाषा
राजकुमार माधव
माधव

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