नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) पर कुलियों के संघ ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर सामान ढोने की दरें पुन:निर्धारित एवं विनियमित करने तथा विभिन्न कल्याणकारी उपाय लागू करने की मांग की।
संघ ने कहा कि बार-बार अपील के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
मंगलवार को सौंपे गए पत्र में संघ ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग कुली की दरों का निर्धारण और नियमन है।
पत्र में कहा गया, “32 वर्ष पहले तय की गई दरें आज भी लागू हैं। महंगाई को ध्यान में रखते हुए कुली की दरों का आधिकारिक रूप से संशोधन किया जाना चाहिए।”
संघ ने आईएसबीटी पर कार्यरत कुलियों को पहचान पत्र जारी करने की भी मांग की।
उसका कहना था कि इससे कार्यबल का नियमन होगा और अनधिकृत लोगों को इस पेशे में प्रवेश करने से रोका जा सकेगा।
पत्र में बुनियादी कल्याणकारी उपायों की मांग भी की गई है।
संघ ने बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि वर्षों से काम करने के बावजूद इस पेशे से जुड़े अधिकांश लोगों को कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं मिली है।
इसने आईएसबीटी कश्मीरी गेट स्थित कुली प्रतीक्षालय और शौचालय की “दयनीय स्थिति” का भी मुद्दा उठाया व तत्काल सुधार की आवश्यकता बताई।
पत्र में कहा गया, “बारिश के दौरान छत टपकती है। शौचालय अनुपयोगी है और कचरा बीमारियों को न्योता दे रहा है। इसकी तत्काल सफाई जरूरी है।”
संघ के अध्यक्ष सुनील अलेडिया ने कहा कि 10 रुपये प्रति माह का लाइसेंस शुल्क 1990 से है जिसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2002-03 से कुली दरें 40 किलोग्राम पर दो-चार रुपये हैं और इन्हें संशोधित किया जाना चाहिए।
भाषा खारी नरेश
नरेश