जयपुर, 28 अप्रैल (भाषा) राजस्थान की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) अतिरिक्त सौर ऊर्जा का उपयोग करने और अति व्यस्ततम समय में बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए विकेन्द्रीकृत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने पर काम कर रही हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया।
‘पीएम-कुसुम’ योजना और ‘रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन’ के तहत उत्पन्न अतिरिक्त विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा वाले क्षेत्रों में बैटरी भंडारण प्रणाली स्थापित की जाएगी।
इससे सुबह और शाम की अधिकतम मांग अवधि के दौरान आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने विद्युत भवन में डिस्कॉम के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भंडारण क्षमता का विस्तार राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए आवश्यक है।
ऊर्जा सचिव और डिस्कॉम की अध्यक्ष आरती डोगरा ने कहा कि जयपुर, जोधपुर और अजमेर की विद्युत वितरण कंपनियां स्वतंत्र विकेन्द्रीकृत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करेंगी ताकि उत्पादित सौर ऊर्जा का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
भाषा बाकोलिया संतोष
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