सीवरों में पाए गए बैक्टीरिया में रोगाणुरोधी दवा के प्रतिरोधी जीन की मौजूदगी : रिपोर्ट

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सीवरों में पाए गए बैक्टीरिया में रोगाणुरोधी दवा के प्रतिरोधी जीन की मौजूदगी : रिपोर्ट

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  • Publish Date - March 22, 2026 / 06:39 PM IST,
    Updated On - March 22, 2026 / 06:39 PM IST

हैदराबाद, 22 मार्च (भाषा) सीएसआईआर-सीसीएमबी के शोधकर्ताओं ने सहयोगी संस्थानों के साथ मिलकर भारत के प्रमुख शहरों के सीवर में पाए गए बैक्टीरिया में रोगाणुरोधी दवा के प्रतिरोधी (एएमआर) जीन के व्यापक पैटर्न का पता लगाया है जिससे बढ़ते वैश्विक स्वास्थ्य खतरे के बारे में नई जानकारी मिली है।

रोगाणुरोधी दवा के प्रतिरोध की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब बैक्टीरिया उन्हें मारने के लिए तैयार की गई एंटीबायोटिक्स जैसी दवाओं से बचने के लिए तंत्र विकसित कर लेते हैं।

‘सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी’ (सीसीएमबी) की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह घटना पहले से ही दुनिया भर में हर साल लाखों मौतों के लिए जिम्मेदार है और आधुनिक चिकित्सा के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है।

यह अध्ययन भारत में अपनी तरह के सबसे व्यापक अध्ययनों में से एक है और इसकी निष्कर्ष रिपोर्ट को ‘नेचर कम्युनिकेशंस’ में प्रकाशित किया गया हैं। इस रिपोर्ट में शहरी अपशिष्ट जल के बैक्टीरिया में एएमआर जीन की मौजूदगी की पहली व्यापक तस्वीर पेश की गई है।

खतरों की पहचान करने के अलावा, शोधकर्ताओं ने देश के अपशिष्ट जल में मौजूद बैक्टीरिया की व्यापक निगरानी का उपयोग करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के बावजूद सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक व्यावहारिक मार्ग दिखाया है।

इस अध्ययन में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे चार प्रमुख महानगरों के 19 स्थलों से मार्च 2022 और मार्च 2024 के बीच एकत्र किए गए अपशिष्ट जल के 447 नमूनों का विश्लेषण किया गया।

उन्नत ‘शॉटगन मेटाजेनोमिक्स’ तकनीकों का उपयोग करते हुए शोधकर्ताओं ने बैक्टीरिया के आनुवंशिक पदार्थ की जांच करके यह समझने का प्रयास किया कि प्रतिरोध कैसे विकसित होता है और फैलता है।

भाषा

संतोष नरेश

नरेश