शह मात The Big Debate: बेखौफ फायरिंग पर बवाल.. विपक्ष उठा रहा सवाल!… दो बड़ी वारदातों ने उड़ाई पुलिस की नींद, गोलीबारी की घटनाओं पर तेज हुई सियासत

Ads

शह मात The Big Debate: शनिवार को मध्यप्रदेश के भोपाल और रीवा में फायरिंग से जुड़ी दो खौफनाक तस्वीरें सामने आईं।

  •  
  • Publish Date - March 14, 2026 / 11:53 PM IST,
    Updated On - March 14, 2026 / 11:54 PM IST

शह मात The Big Debate | Photo Credit: File

HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश में इन दिनों बदमाशों, शातिर अपराधियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है।
  • भोपाल और रीवा में फायरिंग से जुड़ी दो खौफनाक तस्वीरें सामने आईं।
  • एमपी में गोलीबारी की घटनाओं को लेकर सियासत भी तेज हो गई।

शह मात The Big Debate: भोपाल: मध्यप्रदेश में इन दिनों बदमाशों, शातिर अपराधियों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को मध्यप्रदेश के भोपाल और रीवा में फायरिंग से जुड़ी दो खौफनाक तस्वीरें सामने आईं। राजधानी भोपाल में बदमाशों के बीच गैंगवार हुआ। 6 से अधिक बदमाशों ने पुरानी रंजिश के चलते – कुख्यात बदमाश लल्लू रईस के अशोका गार्डन स्थित घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। (शह मात The Big Debate) इसमें लल्लू रईस का बेटा घायल हो गया। बदमाश यहीं नहीं रुके लल्लू रईस के घायल बेटे का पीछा करते-करते हमीदिया अस्पताल पहुंचे और वहां भी जमकर फायरिंग की, तो वहीं रीवा में 6 नकाबपोश बदमाशों ने बिछिया थाने के लोही पुल के पास एक बाइक सवार युवक पर फायरिंग की। जिसमें युवक बुरी तरह घायल हो गया। जिसका रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल में इलाज जारी है। दोनों मामलों में पुलिस आरोपियों की तलाश करने और कार्रवाई का दावा कर रही है।

अब एमपी में गोलीबारी की घटनाओं को लेकर सियासत भी तेज हो गई। (शह मात The Big Debate)  कांग्रेस आरोप लगा रही है कि- मध्यप्रदेश में कानून का खौफ खत्म हो गया है। प्रदेश की राजधानी तक सेफ नहीं है, तो वहीं बीजेपी अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन का दावा कर रही है।

शह मात The Big Debate:  लेकिन जिस तरह से मध्यप्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। दिनदहाड़े गोलीबारी और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उससे ये सवाल उठता है कि- क्या अपराधियों में वाकई पुलिस और कानून का भय खत्म हो चुका है? सवाल ये भी कि-क्या जनता को अब खौफ के साये में ही जीना पड़ेगा? और (शह मात The Big Debate)  सबसे बड़ा सवाल ये कि- खराब पुलिसिंग से क्या सुशासन वाली सरकार की साख पर बट्टा नहीं लग रहा?

इन्हे भी पढ़ें:-