भुवनेश्वर/बारीपदा, 17 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 जून को ओडिशा के मयूरभंज जिले में संथाली समुदाय के एक पवित्र स्थल ‘गोसानी’ में पूजा-अर्चना करेंगे। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के 68वें जन्मदिन पर उनके ससुराल के गांव पहाड़पुर का दौरा करेंगे और पारंपरिक संथाली अनुष्ठानों में भाग लेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के उस दिन दोपहर के आसपास पहाड़पुर स्थित हेलीपैड पर पहुंचने की संभावना है। वहां से वह गोसानी जाएंगे, जहां वह राष्ट्रपति मुर्मू के साथ पूजा-अर्चना करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू प्रधानमंत्री की यात्रा से एक दिन पहले यानी 19 जून को पास के रायरंगपुर पहुंचेंगी।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और संथाली भाषा की शोधकर्ता दमयंती बेशरा के अनुसार, गोसानी गांव की एक पूजनीय देवी का प्रतीक है और इसे पूर्वजों की आत्माओं तथा समुदाय के नेताओं के आध्यात्मिक संरक्षकों का निवास स्थान माना जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘संथाली लोग नए काम की शुरुआत और लंबी यात्राओं से अपनी सुरक्षित वापसी पर गोसानी में मत्था टेककर आभार प्रकट करते हैं।’’
संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार, गोसानी परिसर में प्रवेश करने वाले आगंतुक पारंपरिक संथाली पोशाक पहनते हैं, और यहां तक कि इस स्थल पर आने वाले वर्दीधारी रक्षाकर्मी भी पूजा करने से पहले संथाली वस्त्र धारण करते हैं।
बेशरा ने बताया कि गोसानी स्थल आमतौर पर या तो गांव के केंद्र में या संथाली बस्तियों के प्रवेश द्वार पर स्थित होते हैं और आदिवासी समुदाय के लिए गहरा धार्मिक महत्व रखते हैं।
गोसानी के दौरे के बाद, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मुर्मू के पति और दो बेटों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर सकते हैं। इसके अलावा, वह ग्रामीणों के साथ संवाद भी कर सकते हैं।
इस बीच, सरकार ने दोनों नेताओं के दौरे के दौरान गांव में मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
पत्रकारों को भेजे गए एक संदेश में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने मीडियाकर्मियों से इस दौरे के दौरान गांव में प्रवेश न करने का अनुरोध किया है।
इसमें कहा गया है कि यह प्रतिबंध जिला खुफिया ब्यूरो की अनुशंसा के बाद लगाया गया है।
संदेश में कहा गया, ‘‘प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे इस प्रतिबंध को संज्ञान में लें और अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) के दौरे के सुचारू संचालन तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को सुनिश्चित करने में अपना सहयोग दें।’’
अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस दौरे से पहले प्रमुख क्षेत्रों को ‘नो-ड्रोन’ और ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया है तथा व्यापक सुरक्षा उपाय किए हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों के लिए करीब 5,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी का रायरंगपुर में ओडिशा की भाजपा सरकार की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने का भी कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को इस दौरे की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को त्रुटिहीन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा किसी भी तरह की चूक को रोकने के निर्देश दिए।
भाषा खारी मनीषा
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