पूर्ववर्ती ममता बनर्जी नीत सरकार ने ‘सिंडिकेट राज’ को बचाने के लिए नए आपराधिक कानूनों को रोका : शाह

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पूर्ववर्ती ममता बनर्जी नीत सरकार ने ‘सिंडिकेट राज’ को बचाने के लिए नए आपराधिक कानूनों को रोका : शाह

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  • Publish Date - August 21, 2026 / 05:09 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 05:09 PM IST

सिलीगुड़ी, 21 अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की पिछली ममता बनर्जी सरकार ने संसद से पारित नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के लिए अधिसूचित नहीं किया था, क्योंकि वह ‘‘सिंडिकेट, कट-मनी और जबरन वसूली के तंत्र’’ को बचाना चाहती थीं।

सिलीगुड़ी के कवाखाली मैदान में तीन नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम – पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा लागू किए गए इन कानूनों ने ‘‘डर’’ के माहौल को ‘‘भरोसे’’ में बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है।

शाह ने कहा, ‘‘जब पूरा देश नए आपराधिक कानूनों को लागू कर रहा था, तब (ममता) बनर्जी ने उन्हें कभी अधिसूचित नहीं किया। उन्हें पता था कि ये कानून उनके सिंडिकेट, कट-मनी और जबरन वसूली के तंत्र के लिए मौत की घंटी साबित होंगे।’’

भाजपा सरकार द्वारा राज्य में कानून का राज स्थापित करने का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानून न्याय मिलने की प्रक्रिया को तेज करेंगे और किसी भी पुलिस थाने में शून्य प्राथमिकी दर्ज करने की सुविधा देंगे।

सीमा पार से घुसपैठ को रोकने के अपने संकल्प को दोहराते हुए शाह ने कहा, ‘‘मैं इस राज्य में हर एक घुसपैठिये का पता लगाने और उन्हें देश से बाहर निकालने के अपने पक्के इरादे को दोहराता हूं।’’

गृह मंत्री ने कहा, ‘‘बनर्जी ने बंगाल में सीएए को लागू होने से रोकने की कोशिश की थी, यहां तक कि उसका मजाक भी उड़ाया था। लेकिन अब लोगों ने उन्हें और उनकी सरकार को सत्ता से हटा दिया है।’’

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप