कोलकाता, 17 अगस्त (भाषा) कोलकाता के निजी बस संचालकों ने यह आरोप लगाते हुए जल्द ही आंदोलन शुरू करने की धमकी दी है कि किराये से जुड़े नियमों के उल्लंघन के लिए पुलिस और मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों द्वारा बार-बार मामला दर्ज करने और भारी जुर्माना लगाने की वजह से बस सेवा को जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है।
हाल में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह को लिखे एक पत्र में, ‘ज्वायंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट’ के महासचिव तपन बनर्जी ने कहा कि 12 और 13 अगस्त को शहर में कई जगहों पर बसों के खिलाफ मामले दर्ज किए गये जिनमें यात्रियों से कम से कम 10 रुपये का किराया वसूलने का मामला भी शामिल था।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ यात्रियों की शिकायतों के बाद अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं। यात्रियों ने शिकायत की थी कि कुछ बसें पहले स्टेज के किराए के तौर पर 10 रुपये वसूल रही हैं, जिसे प्रशासन ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है।
संचालकों का कहना था कि बस के किराए में लगभग नौ साल से कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसी वजह से शहर की सड़कों पर बसें कम हो गई है।
बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि मोटर वाहन प्रशासन ने कई बसों पर 10 रुपये का न्यूनतम किराया लेने पर प्रति बस 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसी कार्रवाई जारी रही तो निजी परिवहन सेवाएं ठप हो जाएंगी।’’
उन्होंने राज्य सरकार से जुर्माना तुरंत रोकने और बस किराए में बदलाव पर विचार करने की अपील की।
बनर्जी ने कहा, ‘‘अभी बस संचालक ईंधन और दूसरे संचालन खर्च भी नहीं निकाल पा रहे हैं। 10,000 से 15,000 रुपये तक का जुर्माना उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है।’’
उन्होंने सरकार से यह पक्का करने की भी अपील की कि बसों के अंदर आधिकारिक तौर पर तय किराया चार्ट पहले की तरह ही लगाया जाए ताकि किराए से जुड़े मामलों में संचालकों पर जुर्माना न लगाया जाए।
बस संचालकों के बीच भेजे गए एक अलग संदेश में सिंडिकेट ने आरोप लगाया कि ‘‘अगर निजी परिवहन को इस तरह परेशान किया जाता रहा, तो इस कारोबार को बचाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।’’
शहर में 1500 बसों के शीर्ष निकाय सिंडिकेट ने चेतावनी दी कि अगले सप्ताह से निजी बस मालिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी संगठन सड़क पर उतर आयेंगे ।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश