पद पर लंबे समय तक ठहराव की स्थिति से सीएपीएफ कर्मियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा: समिति

Ads

पद पर लंबे समय तक ठहराव की स्थिति से सीएपीएफ कर्मियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा: समिति

  •  
  • Publish Date - March 17, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 07:38 PM IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने कहा है कि पर्यवेक्षी स्तरों पर लंबे समय तक ठहराव की स्थिति केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों के मनोबल और उनकी करियर की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

समिति ने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में रिक्त पदों की स्थिति एवं पदोन्नति के अवसरों और समय-सीमा पर विचार करने के लिए विभिन्न रैंक की ‘‘व्यापक कैडर समीक्षा’’ की अनुशंसा भी की।

गृह मामलों पर संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि निष्पक्ष और समयबद्ध करियर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए पदोन्नति कोटा का युक्तिकरण, विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकों का समय पर संचालन और कैडर संरचना की समीक्षा सहित उचित उपायों पर विचार किया जा सकता है।

भाजपा के राज्यसभा सदस्य राधामोहन दास अग्रवाल की अध्यक्षता वाली समिति ने विभिन्न सीएपीएफ के अधिकारियों/कर्मचारियों के बीच करियर प्रगति में समानता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की भी अनुशंसा की।

रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि विभिन्न सीएपीएफ और असम राइफल्स में कैडर समीक्षा के उपाय किये गए हैं, जिनमें अतिरिक्त पदों का सृजन, रैंक संरचनाओं का युक्तिकरण और पदोन्नति में ठहराव को दूर करने के कदम शामिल हैं।

हालांकि, इन उपायों से कुछ कैडर में करियर प्रगति में सुविधा हुई है, लेकिन कई समीक्षाएं अभी भी प्रक्रिया के तहत हैं और इनके लाभ समय पर कार्यान्वयन के बाद ही देखने को मिलेंगे, जिनमें भर्ती नियमों की मंजूरी और विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकों का संचालन शामिल हैं।

समिति ने यह भी पाया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में निरीक्षक (ग्रुप बी) से सहायक कमांडेंट (ग्रुप ए) के पद पर पदोन्नति में ठहराव की स्थिति को लेकर चिंताएं हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सहायक कमांडेंट के पद पर पदोन्नति के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के माध्यम से सीएपीएफ में भी किया जा सकता है।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव