नया पुल खुलते ही नये अदालत परिसर के लिए यात्रा समय का विरोध खत्म होगा: हिमंत

नया पुल खुलते ही नये अदालत परिसर के लिए यात्रा समय का विरोध खत्म होगा: हिमंत

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  • Publish Date - January 11, 2026 / 09:51 PM IST,
    Updated On - January 11, 2026 / 09:51 PM IST

गुवाहाटी, 11 जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि उत्तर गुवाहाटी क्षेत्र में अधिवक्ताओं का एक समूह यात्रा में लगने वाले समय का हवाला देकर एकीकृत न्यायिक परिसर का विरोध कर रहा है, लेकिन अगले महीने ब्रह्मपुत्र नदी पर नये पुल के उद्घाटन के बाद वे (अधिवक्ता) अपना दावा सही साबित नहीं कर पाएंगे।

शर्मा ने नये न्यायालय परिसर के लिए सभी वर्गों से समर्थन की अपील की, जिसकी आधारशिला आज सुबह कामरूप जिले के उत्तर गुवाहाटी क्षेत्र के रंगमहल में भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने रखी।

एकीकृत परिसर में गुवाहाटी उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों के साथ-साथ अन्य संबंधित सुविधाएं भी होंगी। गुवाहाटी उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन स्थानांतरण के निर्णय का विरोध कर रहा है।

इस अवसर पर शर्मा ने कहा, “वकीलों का एक वर्ग नये परिसर का विरोध कर रहा है। लोकतंत्र में, सरकार को सभी विरोधों का सम्मान करना चाहिए, लेकिन उनका यह मुख्य तर्क कि नए स्थान तक पहुंचने में दो घंटे लगेंगे, फरवरी में प्रधानमंत्री द्वारा ब्रह्मपुत्र पर गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी पुल के उद्घाटन के बाद टिक नहीं पाएगा।”

उन्होंने दावा किया कि गुवाहाटी के दिघालीपुखुरी इलाके से नये पुल के माध्यम से रंगमहल तक पहुंचने में लगभग 20-25 मिनट का समय लगेगा। दिघालीपुखुरी के पास वर्तमान में उच्च न्यायालय स्थित है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक मार्च के बाद हम यह तय कर पाएंगे कि रंगमहल में नया एकीकृत परिसर बनाने का हमारा निर्णय सही है या गलत।’’

मुख्यमंत्री ने रंगमहल के लोगों को भूमि अधिग्रहण में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया, क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी पर एक और पुल और गुवाहाटी रिंग रोड सहित अन्य विकास परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भूमि का मूल्य कई गुना बढ़ जाएगा।

वर्ष 2001 में पहला विधानसभा चुनाव जीतने से पहले गुवाहाटी उच्च न्यायालय में वकील के रूप में अपना पेशेवर जीवन शुरू करने वाले शर्मा ने कहा कि वर्तमान भवन भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘समय के साथ आकांक्षाएं बदलती हैं। हमें आगे बढ़ना होगा। हमारा प्रयास है कि यह नया परिसर हमारे नए असम को प्रतिबिंबित करे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना पर कुल 1,700 करोड़ रुपये खर्च करेगी और पहले चरण का काम शुरू हो चुका है।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश