प्रदर्शनकारी छात्र आतंकवादी नहीं हैं, सरकार को उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए: दीपके
प्रदर्शनकारी छात्र आतंकवादी नहीं हैं, सरकार को उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए: दीपके
(फोटो के साथ)
छत्रपति संभाजीनगर, 29 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों को परेशान करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं।
दीपके ने कहा कि यदि सरकार अपने रवैये में बदलाव नहीं लाती है, तो युवा सरकार को बदल देंगे।
वह दिल्ली से लौटने के बाद छत्रपति संभाजीनगर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
कॉजपा ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली में एक महीने तक प्रदर्शन का नेतृत्व किया था और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही प्रदर्शन समाप्त किया गया।
छत्रपति संभाजीनगर पहुंचने के बाद दीपके ने कहा कि वह खुश हैं कि अब वह अपने माता-पिता से मिल सकेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लगभग 40 दिनों बाद घर लौट रहा हूं। जब से मैं भारत आया हूं, तब से आंदोलन चल रहे थे। इसके बाद मैं लगभग 36 दिनों तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर था। यह आंदोलन सफल साबित हुआ और देश के छात्रों की जीत हुई… मैं यहां आ गया हूं और मुझे खुशी है कि मैं अपने माता-पिता से मिलने जा रहा हूं।’’
दीपके ने कहा कि प्रदर्शन के बाद कई राज्यों की सरकारें छात्रों को परेशान कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘अब सरकार को अच्छा व्यवहार करना चाहिए। बीस जुलाई को (संसद मार्च के दौरान) सड़कों पर छात्रों का खून बहा था। यह वास्तव में बहुत बुरा था। क्या यह पर्याप्त नहीं है। अब भी छात्रों को परेशान किया जा रहा है। कई राज्यों में पुलिस छात्रों के घरों पर जाकर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दे रही है।’’
कॉजपा संस्थापक ने कहा, ‘‘ये छात्र आतंकवादी नहीं हैं। ये हमारे देश का भविष्य हैं। अगर देश के भविष्य को इस तरह प्रताड़ित किया जायेगा, तो जिस तरह धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा…तो कल हम सरकार बदल देंगे, अगर वह (सरकार) सही रास्ते पर नहीं आती है।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए और एक ‘इन्फ्लुएंसर’ बन जाना चाहिए, ‘‘जिस काम में वह बहुत अच्छे हैं’’।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह नहीं मान लेना चाहिए कि मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से छात्रों का गुस्सा कम हो गया है।
दीपके ने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी, तो हम इससे भी बड़े स्तर पर एक नया आंदोलन शुरू करेंगे।’’
इसके बाद दीपके डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के निकट स्थित डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
भाषा
देवेंद्र सुरेश
सुरेश

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