होशियारपुर (पंजाब), 16 सितंबर (भाषा) पंजाब के होशियारपुर जिले के बरियां कलां गांव में डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा के तोड़फोड़ के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन के दौरान भाजपा और बसपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।
यह घटना उस समय हुई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं का एक समूह प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गांव पहुंचा।
अनाज मंडी के पास स्थापित प्रतिमा पर 14 और 15 सितंबर की दरमियानी रात पत्थर से हमला किया गया था। इस हमले में प्रतिमा का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गई थी।
बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ता प्रतिमा में तोड़फोड़ के विरोध में धरने पर बैठे थे।
होशियारपुर के पूर्व सांसद विजय सांपला ने संवाददाताओं से कहा कि धरने पर बैठे कुछ प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के खिलाफ नारे लगाए और उनसे पूछा कि जब वे सांसद थे तो उन्होंने गांव के लिए क्या योगदान दिया।
सांपला ने कहा कि जब वह सभा को संबोधित करने गए तो कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनसे माइक्रोफोन छीन लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। सांपला ने कहा कि उनके चेहरे पर मामूली चोट आई है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि यह टकराव भाजपा के प्रदर्शन को बाधित करने की ‘पूर्व नियोजित’ प्रयास का हिस्सा था।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘मुझे लगता है कि इसमें सरकार समर्थित तत्व शामिल थे, क्योंकि यहां कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। माहौल खराब करने के लिए कुछ लोगों ने पहले से इसकी योजना बनाई थी।’
वहीं, बसपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अवतार सिंह करीमपुरी ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके धरने को बाधित करने की कोशिश की। उन्होंने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पूर्व राज्यसभा सदस्य करीमपुरी ने इस मामले में 18 सितंबर को प्रदर्शन का आह्वान किया और जिला प्रशासन को तब तक नई प्रतिमा स्थापित करने की समय सीमा दी।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने प्रतिमा में तोड़फोड़ और सांपला पर कथित हमले की निंदा की।
ढिल्लों ने कहा कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना केवल एक महान व्यक्तित्व का अपमान नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान का भी अपमान है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में एक सप्ताह के भीतर इस तरह की दूसरी घटना होना चिंता का विषय है।
दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद भाजपा नेता और कार्यकर्ता घटनास्थल से चले गए।
भाषा
शुभम माधव
माधव