पंजाब: एलपीयू की छात्राओं ने विश्वविद्यालय पर बिना मंजूरी वीडियो डालने का आरोप लगाया

पंजाब: एलपीयू की छात्राओं ने विश्वविद्यालय पर बिना मंजूरी वीडियो डालने का आरोप लगाया

पंजाब: एलपीयू की छात्राओं ने विश्वविद्यालय पर बिना मंजूरी वीडियो डालने का आरोप लगाया
Modified Date: September 28, 2026 / 03:56 pm IST
Published Date: September 28, 2026 3:56 pm IST

फगवाड़ा, 28 सितंबर (भाषा) लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा से दुष्कर्म के कथित दावे को खारिज करने वाली तीन छात्राओं का वीडियो जारी किए जाने के एक दिन बाद सोमवार को उन तीनों छात्राओं ने कहा कि संस्थान ने वीडियो पोस्ट करने से पहले उनकी सहमति नहीं ली थी और अब उन्हें दुर्व्यवहार व उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

एलपीयू के छात्रों ने इस दावे के बाद रविवार को विरोध-प्रदर्शन किया था कि तीन दिन पहले विश्वविद्यालय परिसर में एक प्लंबर ने एक छात्रा से कथित रूप से दुष्कर्म किया था।

छात्रों को शांत कराने के प्रयास के तहत विश्वविद्यालय ने तीन छात्राओं का वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि किसी के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ।

सोमवार को तीनों छात्राओं ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया और दावा किया कि विश्वविद्यालय की ओर से जारी वीडियो को काट-छांटकर पोस्ट किया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक छात्रा ने कहा, “हमारे वीडियो को काट-छांट करके इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया है। हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी और हमारी सहमति भी नहीं ली गई थी। अब बेवजह हमें गालियां दी जा रही हैं।”

दूसरी छात्रा ने कहा, “हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है, कृपया हमें अकेला छोड़ दें।”

शनिवार देर रात करीब एक बजे गर्ल्स हॉस्टल-3 के पास से प्रदर्शन शुरू हुआ और जल्द ही स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। छात्रों ने तोड़फोड़ की और परिसर के बाहर दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को जाम कर दिया।

हालांकि, एलपीयू प्रबंधन ने दुष्कर्म के दावों को अफवाह बताया और कहा कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने रविवार को कहा था कि कुछ असामाजिक तत्व “झूठे, बेबुनियाद और मनगढ़ंत” आरोप लगा रहे हैं।

इसके बाद विश्वविद्यालय ने एक मिनट से अधिक लंबा वीडियो जारी किया, जिसमें गुलाटी का एक छोटा बयान था और उसके बाद छात्रावास के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं के बयान थे।

वीडियो में एक छात्रा यह कहते दिख रही है, “हम कमरा नंबर 504 में रहते हैं और हमारे कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। हम पिछले दो महीने से इस कमरे में रह रहे हैं। कृपया छात्र और पुलिस हमें परेशान करने के लिए यहां न आएं।”

वीडियो के अंत में गुलाटी ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि “असामाजिक तत्व और निजी हित रखने वाले लोग” ये दावे कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “झूठी और मनगढ़ंत बातों के जरिये विश्वविद्यालय की छवि खराब करने की साजिश की जा रही है।”

भाषा जोहेब पारुल

पारुल


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