अमृतसर, 12 फरवरी (भाषा) पंजाब के फाजिल्का जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गुरमीत सिंह बृहस्पतिवार को अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में हाजिर हुए।
सिंह पर श्री दरबार साहिब परिसर से दो व्यक्तियों को दरबार प्रबंधन की अनुमति के बिना हिरासत में लेने का आरोप था।
उन्होंने सचिवालय में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से मुलाकात की, जहां उन्होंने अपनी गलती का स्पष्टीकरण दिया और इस चूक के लिए माफी मांगी।
जत्थेदार ने इस संबंध में मीडिया से कहा कि सिखों का प्रमुख धार्मिक स्थल सचखंड श्री दरबार साहिब, विश्व को सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश देता है और इसके चारों द्वार सभी के लिए खुले हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर से श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ इस पवित्र स्थल पर दर्शन करने आते हैं।
जत्थेदार ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने घटनाक्रम का अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया है और उन्हें लिखित में भी देने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया कि हाल ही में उनके जिले के पांच पुलिसकर्मियों द्वारा श्री दरबार साहिब की परिक्रमा में प्रवेश करना अनुचित था और ऐसा नहीं होना चाहिए था।
जत्थेदार ने कहा कि पुलिस ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी।
जत्थेदार ने इस बात पर जोर दिया कि दरबार साहिब में ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए, जिससे वातावरण की पवित्रता भंग हो या संगत की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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