उदयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने उदयपुर में प्रोफेशनल्स से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने भी प्रधानमंत्री रहते हुए तीन बार विदेशी जमीन पर सर्जिकल स्ट्राइक के आदेश दिए थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी ने इस कार्रवाई का श्रेय लेने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक को राजनीतिक हथियार में बदल दिया। जबकि यह विशुद्ध तौर पर सेना का फैसला था।
एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा, ‘क्या आपको पता है कि पीएम मोदी की तरह, मनमोहन सिंह ने भी तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक करवाई। सेना पीएम मनमोहन सिंह के पास आई और कहा कि वे पाकिस्तान ने जो कुछ किया है, उसके मुंहतोड़ जवाब देना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि किन्हीं खास वजहों से इस बात को सीक्रेट भी रखना चाहते हैं।’ असल में पीएम मोदी सेना के अधिकार क्षेत्र में चले गए और उनकी सर्जिकल स्ट्राइक को आकार दिया। उन्होंने इस सर्जिकल स्ट्राइक को एक राजनीतिक हथियार बना दिया जबकि असल में यह सेना का फैसला था।
उन्होंने कहा कि असल में सेना की पसंद ये होती है कि इस बारे में किसी को पता न चले। जबकि पीएम मोदी ने ये नहीं किया। दरअसल उस वक्त उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहे थे तो पीएम मोदी ने हार के डर से सेना की कार्रवाई को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया, ताकि चुनाव जीत सकें।
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राहुल ने कहा कि हम लोग सेना के मन की बात सुनते हैं जबकि पीएम को लगता है कि सेना के मुकाबले उन्हें ज्यादा पता है कि क्या किया जाए और क्या नहीं। राहुल ने कहा, ‘उन्हें विश्वास हो गया है कि दुनिया का पूरा का पूरा ज्ञान उनके ही दिमाग से निकलता है और बाकी लोगों को कुछ नहीं मालूम।’