(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 15 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि इससे उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान होगा, जो कांशीराम को सशक्तीकरण और आशा के प्रतीक के रूप में देखते हैं।
राहुल ने मोदी को लिखे पत्र में कहा कि कांशीराम ने भारतीय राजनीति का स्वरूप बदल दिया और अपने आंदोलनों के माध्यम से बहुजनों व गरीबों में राजनीतिक जागरूकता पैदा की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पत्र में कहा, “आज (रविवार को) जब हम कांशीराम जी की जयंती मना रहे हैं और उनकी विरासत व योगदान पर विचार कर रहे हैं, तो मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।”
उन्होंने कहा, “कांशीराम जी ने भारतीय राजनीति का स्वरूप बदल दिया। अपने आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने बहुजनों और गरीबों में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाई। उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि उनका मत, उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण है और यह देश सभी का समान रूप से है।”
राहुल ने कहा कि कांशीराम के प्रयासों के कारण, कई ऐसे लोग जिन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में आने के बारे में सोचा भी नहीं था, उन्होंने राजनीति को न्याय और समानता प्राप्त करने के साधन के रूप में देखना शुरू कर दिया।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, “हमारा संविधान प्रत्येक भारतीय के लिए समानता, गरिमा और भागीदारी का वादा करता है। कांशीराम जी ने अपना जीवन समाज के सबसे निचले तबके के लोगों के लिए इन वादों को सार्थक बनाने के लिए समर्पित कर दिया। ऐसा करके उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया और हमारी राजनीतिक व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधिमूलक और न्यायपूर्ण बनाया।”
उन्होंने कहा, “कई साल से दलित बुद्धिजीवी, नेता और कार्यकर्ता कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करते आ रहे हैं। उनकी यह मांग निरंतर और गहरी भावना से भरी रही है। हाल ही में, मैंने लखनऊ में एक कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उपस्थित नेताओं और प्रतिभागियों ने इस मांग को दृढ़ता से दोहराया, जो एक व्यापक भावना को दर्शाता है।”
राहुल गांधी ने कहा कि कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करना देश के प्रति उनके अपार योगदान को मान्यता देगा।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, “यह उन लाखों लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करेगा, जो उन्हें सशक्तीकरण और आशा के प्रतीक के रूप में देखते हैं। मुझे उम्मीद है कि सरकार इस अनुरोध पर गंभीरता से विचार करेगी।”
कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर पत्र साझा करते हुए कहा, “मैं भारत सरकार से सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक मान्यवर कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग करता हूं।”
उन्होंने कहा, “यह सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान कांशीराम जी के साथ उस पूरे आंदोलन को श्रद्धांजलि होगी, जिसने करोड़ों बहुजनों को हक, हिस्सेदारी और आत्मसम्मान की राह दिखाई। इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा मेरा पत्र।”
इससे पहले, कांग्रेस ने कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राहुल ने कहा, “बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए उनका अथक संघर्ष और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा है।”
उन्होंने दावा किया कि संविधान आज खतरे में है, बाबा साहेब के संविधान की शपथ ले कर सत्ता में बैठने वाले ही उसको कमजोर करने पर तुले हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, “उनका (कांशीराम का) मानना था संविधान ही दलितों, पिछड़ों और वंचितों की असली ताकत है। वही संविधान आज खतरे में है। बाबा साहेब के संविधान की शपथ ले कर सत्ता में बैठने वाले ही उसको कमजोर करने पर तुले हैं।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “जब तक सत्ता में भागीदारी नहीं, तब तक न्याय संभव नहीं। कांशीराम जी की विरासत यही कहती है। सामाजिक न्याय का यह सपना अधूरा नहीं रहेगा। कांग्रेस पार्टी बहुजन समाज की भागीदारी, सम्मान और संविधान की रक्षा के लिए पहले भी खड़ी थी, आज भी है और हमेशा रहेगी।”
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप