उदयपुर, 22 सितंबर (भाषा) राजस्थान के उदयपुर में नारायण सेवा संस्थान की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में दिव्यांगों समेत 50 जोड़ों ने विवाह किया। संस्थान ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
संस्थान के सेवा महातीर्थ परिसर में रविवार को संपन्न हुए दो दिवसीय समारोह में विभिन्न राज्यों से आए 100 दूल्हा-दुल्हनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए।
संस्थान का यह 47वां सामूहिक विवाह समारोह था।
संस्थान ने बताया कि कुछ प्रतिभागी बैसाखियों या कृत्रिम अंगों की मदद से समारोह में शामिल हुए।
कई जोड़ों में एक साथी दिव्यांग था, जबकि दूसरा दिव्यांग नहीं था।
संस्थान के अनुसार, कई दूल्हा-दुल्हनों का पहले संस्थान में उपचार या सर्जरी की गई थी और उन्हें कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और पुनर्वास संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई गई थी।
नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति के बजाय सम्मान, अवसर और सुरक्षित भविष्य की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि समाज को उनकी दिव्यांगता के बजाय उनकी क्षमताओं और प्रतिभाओं को पहचानना चाहिए।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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