जयपुर, पांच अगस्त (भाषा) राजस्थान के नागौर जिले की विशेष अदालत ने डांगावास हत्याकांड के सभी 40 आरोपियों को बुधवार को बरी कर दिया। साल 2015 में घटी इस घटना में जमीन विवाद को लेकर पांच दलितों की हत्या कर दी गई थी।
मेड़ता कस्बे में स्थित विशेष अदालत (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति) के विशेष न्यायाधीश आशीष बिजारणिया ने 11 साल पुराने इस मामले में बुधवार को फैसला सुनाया।
पीड़ित पक्ष के गोविंद मेघवाल ने कहा कि स्थानीय अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “अगर सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है, तो हमारे पांच लोगों की हत्या किसने की? हम उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।”
डांगावास में 14 मई 2015 को 23 बीघा जमीन के विवाद को लेकर दो गुटों के बीच हिंसा हुई थी, जिसमें रतनराम मेघवाल, पोखरराम मेघवाल, पांचाराम मेघवाल, खेमाराम मेघवाल और गणपतराम मेघवाल की मौत हो गई थी। दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति रामपाल गोसाईं की भी जान चली गई थी।
आरोप है कि पीड़ितों में से तीन लोगों को ट्रैक्टर से कुचल दिया गया था। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी।
बचाव पक्ष के वकील महेंद्र चौधरी ने कहा कि विवाद जमीन के एक सौदे से शुरू हुआ, जिसमें खरीदार ने दाखिल खारिज नहीं कराया, जिससे कब्जे को लेकर झगड़ा हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान कुछ पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया।
चौधरी ने कहा कि आरोपी घटना में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे।
भाषा
पृथ्वी पारुल
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