चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा राजस्थान : गहलोत

चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा राजस्थान : गहलोत

चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा राजस्थान :  गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: July 9, 2021 11:48 am IST

जयपुर, नौ जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार के निरन्तर प्रयासों से राजस्थान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।

गहलोत ने 11 जिलों में आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू का ऑनलाइन शिलान्यास करने के कार्यक्रम में यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘देश के दूसरे राज्यों के लोग भी हमारी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेने राजस्थान आ रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं और भी बेहतर हों, इसके लिए राजधानी से लेकर गांव-ढाणी तक चिकित्सा बुनियादी ढांचे को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर कोरोना की पहली एवं दूसरी लहर का मुकाबला किया। हमारे भीलवाड़ा और रामगंज मॉडल को देश-दुनिया में पहचान मिली और दूसरे राज्यों ने भी इसे अपनाया।’’

गहलोत ने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है जो सभी जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में अधिकाधिक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए संप्रग सरकार के समय योजना बनी थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान ने इस दिशा में पूरी तैयारी के साथ आवश्यक शर्तों को पूरा किया, जिसके चलते 30 जिलों में सरकारी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की ओर कदम बढ़ सके। शेष तीन जिलों में भी सरकारी मेडिकल कॉलेज स्वीकृत कराने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि दूसरी लहर के कटु अनुभवों से सबक लेते हुए राज्य सरकार ऑक्सीजन उत्पादन एवं शिशु चिकित्सा इकाइयों में बढ़ोतरी की योजना पर तेजी से काम कर रही है और राज्य एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता हासिल करने की दिशा में अग्रसर है।

चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य सरकार ने पूरे समर्पण भाव और मुस्तैदी के साथ कोविड-19 महामारी का प्रबंधन किया है और संक्रामक रोगों को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

शासन सचिव (चिकित्सा शिक्षा) वैभव गालरिया ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 1.50 लाख नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच करने की क्षमता विकसित कर ली गई है और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों तथा सीएचसी में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाने का काम 15 अगस्त तक पूरा होना संभावित है।

गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 11 जिलों के 17 चिकित्सालयों में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू), नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू), शिशु गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) तथा मदर केयर यूनिट का शिलान्यास किया।

सरकारी बयान के अनुसार करीब 94 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से होने वाले इन कार्यों के पूरा होने से 531 बिस्तरों की बढ़ोतरी होगी। इनमें आईसीयू के 270, एनआईसीयू के 208, पीआईसीयू के 33 तथा मदर केयर यूनिट के 20 बिस्तर शामिल हैं।

भाषा पृथ्वी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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