कोटा, चार मई (भाषा) बूंदी जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मुहैया कराने का लालच देकर महिलाओं से पैसे ऐंठने के आरोप में पकड़े गए युवक को ग्रामीणों द्वारा जूते का तलवा चाटकर माफी मांगने के लिए मजबूर करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार उसे इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।
माफी मांगने के तहत
मिली जानकारी के अनुसार हिंडोली इलाके के काबरी गांव की यह घटना शनिवार की है। इस कथित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर रविवार को सामने आया।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव पहुंचे युवक ने खुद को ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) बताया। उसने ग्रामीणाों से बात की और महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और पीएम आवास योजना के तहत घर दिलाने का लालच दिया।
उसने इन योजनाओं में आवेदन आदि व जरूरी कागजी कार्रवाई के नाम पर उनसे 1,000 से 2,000 रुपये मांगे। कुछ महिलाओं ने उसे पैसे भी दे दिए। हालांकि कुछ युवकों समेत अन्य ग्रामीणों को उसके दावों पर शक हो गया।
जब उससे उसकी पहचान के बारे में पूछा गया और आईडी कार्ड दिखाने को कहा गया तो युवक घबरा गया और उसने माना कि वह कोई असली सरकारी अधिकारी नहीं है और उसने ठगे हुए पैसे वापस कर दिए।
गांव वालों ने सबक सिखाने के लिए उससे तीन बार जूते का तलवा चटवाया। हालांकि, इस दौरान वह बार-बार माफी मांगते हुए कह रहा था, ‘‘मैं ऐसी नीच हरकत कभी दोबारा नहीं करूंगा।’’
हिंडोली पुलिस ने वीडियो के आधार पर युवक की पहचान मनराज प्रजापत के रूप में की। वह डबलाना पुलिस थाना क्षेत्र के रेन गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार कोई औपचारिक शिकायत न मिलने के कारण कोई केस दर्ज नहीं किया गया।
हिंडोली के थाना प्रभारी मुकेश यादव के अनुसार पुलिस ने प्रजापत को जूता चाटने के लिए मजबूर करने वाले और इस घटना का वीडियो बनाने वाले युवक की पहचान लोकेश मीणा के रूप में की है। उन्होंने बताया कि मीणा को ऐसे गैर-कानूनी व्यवहार के खिलाफ आगाह किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस फिलहाल युवक द्वारा की गई इसी तरह की धोखाधड़ी के अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है।
भाषा पृथ्वी संतोष
संतोष