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Rajasthan School Girl Heart Attack: स्कूल ग्राउंड में पकड़म-पकड़ाई खेल रही थी मासूम, अचानक हो गया ये कांड, परिवार का महीनों पुराना घाव फिर से भरा
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Rajasthan School Girl Heart Attack: राजस्थान के नागौर गोटन इंटरनेशनल स्कूल में 9 साल की छात्रा दिव्या खेलते समय अचानक बेहोश हो गई और हार्ट अटैक से निधन हो गया।
Rajasthan Schooll Girl Heart Attack: नागौर, राजस्थान। राजस्थान के नागौर गोटन इंटरनेशनल स्कूल में 9 साल की छात्रा दिव्या खेलते समय अचानक बेहोश हो गई और हार्ट अटैक से निधन हो गया। परिवार के लिए यह सदमा और भी गहरा इसलिए है क्योंकि दिव्या के बड़े भाई की भी चार महीने पहले इसी तरह मौत हो चुकी थी। चलिए विस्तार से आपको पूरा घटनाक्रम बताते हैं।
📍 नागौर राजस्थान
9 साल की बच्ची को खेलते खेलते हार्टअटैक आया और मर गई।
आए दिन कोई न कोई हार्टअटैक से मर रहा है,
लेकिन स्वास्थ्य मंत्री कहां हैं, किसी को कुछ पता नहीं है।
Nagaur School Tragedy: 9 साल की छात्रा को आया हार्ट अटैक
राजस्थान के नागौर के गोटन इंटरनेशनल स्कूल में 23 फरवरी की सुबह Rajasthan Schooll Girl Heart Attack की बेहद दुखद घटना घटी, जब 9 वर्षीय छात्रा दिव्या बापेडिया का स्कूल ग्राउंड में खेलते समय हार्ट अटैक से निधन हो गया। दिव्या पांचवीं कक्षा की छात्रा थी और प्रार्थना से पहले ग्राउंड में बच्चों के साथ खेल रही थी। अचानक वह बेहोश होकर गिर पड़ी, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसे संभाला और गोटन के राजकीय अस्पताल ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Child Heart Attack: स्कूल ग्राउंड में अचानक बेहोश हुई
स्कूल डायरेक्टर रामकुंवार ओला ने बताया कि दिव्या सामान्य दिन की तरह स्कूल आई थी और खेल के दौरान अचानक गिर पड़ी। उन्होंने कहा कि इस दौरान परिवार वालों को तुरंत सूचित किया गया। प्राथमिक जांच में शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं पाए गए और डॉक्टरों ने कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत की पुष्टि की। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और शव को अपने कब्जे में ले लिया। यह घटना परिवार के लिए और भी ज्यादा दुखद इसलिए रही क्योंकि दिव्या के बड़े भाई अभिषेक की भी चार महीने पहले इसी तरह अचानक हार्ट अटैक से मौत हो चुकी थी।
दिव्या और उसके भाई की मौत ने स्थानीय समुदाय में चिंता और शोक की लहर फैला दी है। स्कूल और परिवार ने मिलकर राहत और समर्थन प्रदान करने की कोशिश की। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों में हार्ट अटैक दुर्लभ है, लेकिन परिवार में किसी प्रकार की हृदय संबंधी पूर्व समस्या होने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।