जयपुर, 10 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के नागौर जिले में यातायात पुलिस ने कथित तौर पर एक इलेक्ट्रिक कार का प्रदूषण चालान काट दिया, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह घटना सात अप्रैल को जिला मुख्यालय क्षेत्र में कृषि मंडी तिराहे पर हुई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, यातायात पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक ने इलेक्ट्रिक कार को रोका और 1,700 रुपये का चालान जारी कर दिया, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र न होने और कार के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी होने का हवाला दिया गया।
वीडियो में चालक यह तर्क देता दिखता है कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के लिए पीयूसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन पुलिसकर्मी कथित तौर पर यह कहता नजर आता है कि चालान जारी होगा, क्योंकि पीओएस मशीन में पीयूसी प्रदर्शित नहीं हो रहा।
जिला परिवहन अधिकारी अवधेश चौधरी ने कहा कि ईवी के लिए पीयूसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होती और संबंधित पुलिसकर्मी को इस विषय को ठीक से समझना चाहिए था।
यातायात प्रभारी शिवदेव राम ने कहा कि चालान गलती से जारी हुआ प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मामले की पड़ताल की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
भाषा बाकोलिया मनीषा नेत्रपाल
नेत्रपाल