पटियाला, 17 सितंबर (भाषा) पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मामले में मौत की सजा पाए बलवंत सिंह राजोआना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र से अपनी दया याचिका पर तत्काल फैसला लेने का आग्रह किया है।
राजोआना की दया याचिका लगभग 15 वर्षों से लंबित है।
पटियाला केंद्रीय जेल में बंद राजोआना ने पत्र में कहा कि वह 31 साल से जेल में है, जिसमें पिछले 20 साल से वह अपनी फांसी की सजा पर अंतिम फैसले का इंतजार कर रहा है।
राजोआना ने कहा कि उसने अदालत के समक्ष अपने कृत्यों को कभी नहीं छिपाया और स्वेच्छा से मौत की सजा स्वीकार की थी।
राजोआना ने कहा कि 2012 में उसके खिलाफ ‘डेथ वारंट’ जारी होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने उसकी ओर से राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की थी।
अपने मामले को लेकर लंबे समय से जारी अनिश्चितता को समाप्त करने की प्रधानमंत्री से अपील करते हुए राजोआना ने कहा कि यदि सरकार उसे फांसी देना चाहती है तो वह ऐसा कर सकती है, लेकिन इस मामले को अब और लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
उसने केंद्र से अपनी दया याचिका पर बिना किसी और देरी के अंतिम फैसला सुनाने का आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय के प्रवेश द्वार पर हुए विस्फोट में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य लोगों की मौत हो गई थी। एक विशेष अदालत ने जुलाई 2007 में राजोआना को मौत की सजा सुनाई थी।
भाषा शफीक पारुल
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