नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास के खिलाफ कथित तौर पर भाजपा सांसद सुष्मिता देव की अपमानजनक टिप्पणी को लेकर बुधवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही शुरू होने के बीस मिनट बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
हंगामे के कारण उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए।
पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने के बाद सदन के पटल पर सूचीबद्ध दस्तावेज रखे गए। इसके तुरंत बाद ब्रिटास ने यह मुद्दा उठाया कि सत्ता पक्ष की एक सदस्य ने उन्हें ‘‘लुंगीवाला’’ कहकर निशाना बनाया।
अपना पक्ष रखने की अनुमति मिलने के बाद ब्रिटास ने कहा कि सोमवार दोपहर जब वह आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 के खिलाफ सांविधिक प्रस्ताव पेश कर रहे थे, तब भाजपा सांसद अपनी निर्धारित सीट छोड़कर उनके ठीक पीछे वाली सीट पर आ गई थीं।
ब्रिटास ने नाम लिए बिना आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने मुझे बार-बार लुंगीवाला कहा।’’
विपक्षी सदस्यों ने ब्रिटास का समर्थन किया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि जब यह कथित घटना हुई थी तब वह सदन में मौजूद थे। उन्होंने सभापति से अनुरोध किया कि वह संबद्ध सदस्यों को अपने कक्ष में बुलाएं और उनकी बात सुन कर समाधान निकालें।
सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि सदन में एक सदस्य द्वारा दूसरे सदस्य के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी करने का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को टिप्पणियां करते समय यह बात ध्यान में रखना चाहिए कि किसी की भावनाएं आहत न हों।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति अनूठी है और विविधता में एकता हमारी विशेषता है जो बनी रहना चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘किसी की संस्कृति को लेकर कोई भी आहत करने वाली बात कहना ठीक नहीं है।’’
सभापति ने कहा कि वह संबंधित सांसदों को अपने कक्ष में बुलाकर इस मामले पर चर्चा करेंगे।
सभापति ने निर्दलीय सदस्य सतनाम सिंह संधू को शून्यकाल के तहत अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा। इस बीच विपक्षी सदस्यों और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच तीखी तकरार होने लगी।
रीजीजू ने पुन: कहा कि वह सभापति से दोनों सदस्यों को अपने कक्ष में बुला कर इस मुद्दे का समाधान करें।
सदन के नेता जे पी नड्डा ने कहा कि हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान किया जाना चाहिए।
नड्डा ने नाम लेकर कहा कि कोई फैसला लेने से पहले सुष्मिता देव का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।
सदन में सुष्मिता देव मौजूद थीं।
इस बीच, कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने का अवसर देने की मांग की। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे की कथित चोरी को लेकर नारेबाजी की।
हंगामे के बीच सभापति राधाकृष्णन ने बारह बज कर बीस मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।
विपक्षी दल राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से तथा 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहे हैं।
भाषा
मनीषा माधव
माधव