राज्यसभा ‘क्रॉस-वोटिंग’ मामला: समिति आलाकमान को सौंपेगी रिपोर्ट

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राज्यसभा ‘क्रॉस-वोटिंग’ मामला: समिति आलाकमान को सौंपेगी रिपोर्ट

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 09:31 AM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 09:31 AM IST

चंडीगढ़, चार अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की हरियाणा इकाई की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (डीएसी) पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पांच विधायकों द्वारा की गई कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ के मामले में रिपोर्ट तैयार कर अपना निर्णय पार्टी आलाकमान को सौंपेगी।

पार्टी नेता धर्मपाल मलिक की अध्यक्षता में समिति की बैठक शुक्रवार शाम यहां कांग्रेस की हरियाणा इकाई के कार्यालय में हुई। पांच विधायकों पर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में ‘क्रॉस-वोटिंग’ करने का आरोप है और कांग्रेस ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया हुआ है।

“कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के पक्ष में जानबूझकर मतदान नहीं करने” को पार्टी विरोधी गतिविधि करार देते हुए नोटिस जारी किया गया है। हरियाणा की दो राज्यसभा सीट के लिए 16 मार्च को मतदान हुआ था।

भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को कड़े मुकाबले में हराकर दूसरी सीट हासिल की।

कथित क्रॉस-वोटिंग से कांग्रेस की आसान जीत कड़े मुकाबले में बदल गई। मतगणना के दौरान कांग्रेस के चार वोट भी अमान्य घोषित किए गए थे।

पार्टी ने आधिकारिक रुख के उल्लंघन का आरोप नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी, साढौरा की विधायक रेणु बाला, पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास, हथीन के विधायक मोहम्मद इसराइल और रतिया के विधायक जरनैल सिंह पर लगाया है।

बाद में चौधरी, बाला और जरनैल सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके नाम अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटे जा रहे हैं और उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में ही मतदान किया था।

डीएसी अध्यक्ष मलिक ने बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को बताया कि कारण बताओ नोटिस का जवाब केवल चौधरी, बाला और जरनैल सिंह ने दिया है।

उन्होंने कहा कि चौधरी और बाला ने डीएसी से व्यक्तिगत सुनवाई का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा, “वे आए और हमने उनकी बात सुनी।’’

मलिक ने कहा, “डीएसी अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर निर्णय पार्टी आलाकमान को भेजेगी, जो आगे की कार्रवाई तय करेगा।”

नोटिस का जवाब न देने वाले शेष दो विधायकों के बारे में उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है।”

भाषा खारी सुरभि

सुरभि