(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 14 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक नये बंगाल के लिए क्रांति शुरू होने का ऐलान करते हुए पश्चिम बंगाल की महिलाओं और युवाओं से ‘कट-मनी संस्कृति’ और ‘महाजंगल राज’ के अंत तथा सुरक्षा एवं रोजगार का वादा किया।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए, मोदी ने विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के दो सबसे निर्णायक समूहों – महिला और युवा मतदाताओं – को आकर्षित करने की कोशिश की, और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अराजकता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
मोदी ने कहा कि बंगाल के युवा बड़े स्तर पर पलायन को मजबूर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘टीएमसी सरकार बलात्कारियों और अपराधियों को संरक्षण प्रदान करती है; संदेशखालि और आरजी कर (अस्पताल) की घटनाएं इसका प्रमाण हैं। पश्चिम बंगाल में महिलाओं पर तेजाब हमलों में वृद्धि हुई है। आज के बंगाल में गुंडों को खुली छूट मिली हुई है और माताओं और बहनों की सुरक्षा खतरे में है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘मैं बंगाल की माताओं और बहनों को आश्वस्त करता हूं कि यदि आप यहां भाजपा को अपना आशीर्वाद देंगी, तो महिलाएं सुरक्षित रहेंगी और अपराधी जेल में होंगे। यह मोदी की गारंटी है।’’
ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं जो ‘‘कानून-व्यवस्था का पतन’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह भूमि शक्ति की पूजा करती है। यहां ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जा सकती।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल बदलाव के लिए तैयार है और दावा किया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के ‘महाजंगल राज’ के खिलाफ जनता का गुस्सा पूरे राज्य में बढ़ रहा है।
मोदी ने कहा, ‘‘अब बंगाल में ‘महाजंगल राज’ का अंत निश्चित है। राज्य के हर कोने से एक ही आवाज उठ रही है – ‘भाजपा की सरकार बने, इस बार पक्का बनेगी’। यह अत्याचारी टीएमसी सरकार चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, बदलाव की इस लहर को रोक नहीं पाएगी।’’
प्रधानमंत्री ने राज्य के युवाओं की ‘‘दुर्दशा’’ पर चिंता व्यक्त करते हुए रोजगार की तलाश में ‘‘युवाओं के बड़े पैमाने पर पलायन’’ का दावा किया।
मोदी ने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस, माकपा और टीएमसी के दशकों के कुशासन ने बंगाल की अर्थव्यवस्था को पतन की ओर धकेल दिया है, जबकि सत्ता में बैठे लोगों ने भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद को समृद्ध किया है।’’
राज्य में ‘भर्ती घोटालों’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कई योग्य युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया क्योंकि ‘‘भ्रष्टाचार के माध्यम से नौकरियां बेची गईं।’’
प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर ‘कट-मनी संस्कृति’ चलाने का आरोप लगाया, जिसके कारण केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ये टीएमसी वाले न तो खुद काम करते हैं और न ही दूसरों को काम करने देते हैं। जब तक उन्हें ‘कट-मनी’ नहीं मिल जाती, तब तक वे योजनाओं को गांवों या गरीबों तक नहीं पहुंचने देते… कुछ दिन पहले ही टीएमसी की जनविरोधी नीतियों के कारण एक आलू किसान ने आत्महत्या कर ली।’’
मोदी ने दावा किया कि कई केंद्रीय योजनाएं चाय बागान श्रमिकों और अन्य कमजोर समुदायों तक नहीं पहुंच पा रही हैं क्योंकि राज्य सरकार उन्हें ठीक से लागू करने में विफल रही हैं।
भाषा
शफीक अविनाश
अविनाश