राम मंदिर चढ़ावा ‘चोरी’ मामला: दो आरोपियों को 39 घंटे की पुलिस हिरासत में भेजा गया

राम मंदिर चढ़ावा ‘चोरी’ मामला: दो आरोपियों को 39 घंटे की पुलिस हिरासत में भेजा गया

राम मंदिर चढ़ावा ‘चोरी’ मामला: दो आरोपियों को 39 घंटे की पुलिस हिरासत में भेजा गया
Modified Date: July 17, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: July 17, 2026 10:33 pm IST

अयोध्या (उप्र), 17 जुलाई (भाषा) भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की एक विशेष अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की रकम के कथित गबन मामले के दो प्रमुख आरोपियों को शुक्रवार को 39 घंटे की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान जांचकर्ता उनसे पूछताछ करने के साथ ही ‘‘चोरी’’ की गई नकदी, कीमती सामान और अन्य साक्ष्य बरामद करने का प्रयास करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव को 39 घंटे के लिए पुलिस हिरासत में भेजने की अनुमति दी। हालांकि, पुलिस ने दोनों की सात दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ नयी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हिरासत संबंधी अर्जी दाखिल करने से पहले बृहस्पतिवार को जेल में दोनों से पूछताछ की थी।

टिन्नू को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी माना जाता था। वह कथित तौर पर मंदिर की दान पेटियों की निगरानी करता था, जबकि मनीष चढ़ावे की गिनती में शामिल था।

पुलिस ने इससे पहले टिन्नू के आवास से एक लाख रुपये और मनीष के घर से दो लाख रुपये बरामद किए थे।

अधिकारियों ने बताया कि हिरासत के दौरान जांचकर्ता दोनों आरोपियों को संभवत: अलग-अलग स्थानों पर ले जाएंगे ताकि उनसे कथित चोरी के बारे में पूछताछ की जा सके और चोरी की गई रकम से खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाया जा सके और उनकी पुष्टि की जा सके।

टिन्नू और मनीष की हिरासत का अनुरोध करने से पहले पुलिस मामले से जुड़े छह अन्य आरोपियों से हिरासत में पूछताछ कर चुकी है।

जांचकर्ताओं ने इस सप्ताह की शुरुआत में पूर्व बैंक कर्मचारियों सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा की निशानदेही पर बरामद नकदी, आभूषण और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी अदालत में पेश किए हैं। दोनों से पुलिस हिरासत में पूछताछ की गई थी।

इस बीच, सूत्रों ने बताया कि राम मंदिर निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे गोपाल राव छह जुलाई को मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद जिम्मेदारियों से मुक्त होने के बाद अयोध्या से चले गए हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने उन्हें नयी जिम्मेदारी दी है, लेकिन उनकी नयी तैनाती के स्थान का तत्काल पता नहीं चल सका।

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था। इस सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है।

विपक्षी दलों ने कहा है कि वे 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे की रकम के कथित गबन का मुद्दा उठाएंगे।

भाषा सं आनन्द सिम्मी

सिम्मी


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