(तस्वीर के साथ)
गुवाहाटी, 21 मई (भाषा) असम में चौथी बार विधायक बने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रंजीत कुमार दास को बृहस्पतिवार को 16वीं विधानसभा का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया।
वह एकमात्र ऐसे विधायक हैं जिन्होंने दूसरी बार विधानसभाध्यक्ष का पद संभाला है।
अस्थायी अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी ने घोषणा की कि दास के पक्ष में तीन प्रस्ताव थे और उनके खिलाफ कोई प्रत्याशी नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई अन्य नामांकन नहीं हुआ, इसलिए मैं रंजीत कुमार दास को राज्य की 16वीं विधानसभा का अध्यक्ष घोषित करता हूं।’’
विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में दास का यह दूसरा कार्यकाल है। साल 2016 में जब भाजपा ने इस पूर्वोत्तर राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई थी, तब भी वह विधानसभाध्यक्ष बने थे।
भवानीपुर-सोरभोग क्षेत्र से विधायक दास 2021 से 2026 तक मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के पहले कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री रहे।
उन्होंने पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।
दास 2011 से लगातार चार बार विधानसभा के सदस्य चुने गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने पर दास को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बधाई दी। शर्मा ने कहा, ‘‘आज आपने इतिहास रच दिया है। आप एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो दूसरी बार विधानसभाध्यक्ष की कुर्सी संभाल रहे हैं।’’
सत्तारूढ़ एवं विपक्ष के विधायकों ने दास को बधाई दी तथा उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकदर ने कहा, “हम आपसे सदन में पूर्णतया निष्पक्ष रहने की अपेक्षा करते हैं। विपक्ष के पास इस बार बहुत कम सीट हैं, इसलिए हमें कम समय दिया जाएगा। हालांकि, हम आपसे कुछ नरमी बरतने और जनता को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाने के लिए अधिक समय देने की अपेक्षा करते हैं।”
दास ने कहा कि वह सदन में निष्पक्ष रहेंगे।
दास ने ‘स्पीकर’ शब्द पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह ब्रिटिश शासन से उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इस सदन में ‘स्पीकर’ शब्द के इस्तेमाल पर कुछ चर्चा होगी। सभापति या अध्यक्ष जैसे शब्द अधिक उपयुक्त लगते हैं। भविष्य में, मैं भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार कार्य करने का प्रयास करूंगा। मैं ब्रिटिश परंपरा का अनुसरण नहीं करूंगा।’’
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश