रास : सत्ता पक्ष ने बजट को विकासोन्मुखी बताया, विपक्ष ने कहा कि असलियत से कोसों दूर

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रास : सत्ता पक्ष ने बजट को विकासोन्मुखी बताया, विपक्ष ने कहा कि असलियत से कोसों दूर

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 06:28 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 06:28 PM IST

नयी दिल्ली, दस फरवरी (भाषा) राज्यसभा में मंगलवार को सत्ता पक्ष ने जहां बजट को हर वर्ग के लिए उपयोगी तथा विकासोन्मुखी बताया वहीं विपक्ष ने दावा किया कि सरकार अपनी नाकामियां छिपाते हुए केवल लोकलुभावन तस्वीर दिखाती है लेकिन असलियत इससे कोसों दूर है।

उच्च सदन में आम बजट 2026-27 पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए भाजपा की सुमित्रा बाल्मीक ने कहा कि कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है जिसका बजट में ध्यान न रखा गया हो।

उन्होंने कहा कि हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास खोलने की घोषणा सराहनीय है क्योंकि ऐसी महिलाओं को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

बाल्मीक ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का इससे बेहतर उदाहरण और क्या होगा कि निर्मला सीतारमण ने नौवीं बार बजट पेश किया और यह कहने की जरूरत नहीं है कि वित्त प्रबंधन में महिलाओं का जवाब नहीं होता।

आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने कहा कि बजट की बात सभी करते हैं लेकिन एक चलन बन गया है कि बातें बड़ी-बड़ी और काम नहीं के बराबर होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब की उपेक्षा का रोना रोने वाली पंजाब सरकार खुद फिजूलखर्ची करती है और दोष दूसरों पर मढ़ती है।

उन्होंने कहा कि करदाताओं से मिलने वाली राशि को संभाल कर खर्च करना चाहिए।

बजट का समर्थन करते हुए तेलुगु देशम पार्टी के मस्तान राव यादव बीधा ने कहा कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभर रहा है और हमारी आर्थिक स्थिति की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है।

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में जो योजनाएं चलाई जा रही हैं निश्चित रूप से ये योजनाएं राज्य में निवेश को आकर्षित करती हैं और विकास की राह भी प्रशस्त करती हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की फौजिया खान ने कहा कि सरकार की पिछली योजनाओं में जो विलंब हो रहा है, उसकी वजह से उनकी लागत भी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का बजट 28 हजार करोड़ रुपये रखा गया है जो बहुत कम है।

भाजपा सदस्य के लक्ष्मण ने कहा ‘‘वित्त मंत्री ने लगातार नौवीं बार बजट पेश किया है। यह बजट नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक का विकास दिखाता है। बहुत सी योजनाएं हैं जो आलोचनाओं के बीच शुरू हुईं और अब उनका लाभ आम आदमी को मिल रहा है। जन-धन खाते, मुद्रा ऋण योजना, किसान सम्मान निधि से लेकर आयुष्मान आरोग्य भारत तक, ऐसी ही योजनाएं हैं।’’

भाजपा के ही बृजलाल ने कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज इसलिए दिया जा रहा है ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मनरेगा को खत्म करने का आरोप लगाया जा रहा है लेकिन मनरेगा की जगह लाया गया विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 125 दिन का रोजगार देगा।

उन्होंने कहा ‘‘नए अधिनियम के तहत मजदूरों को एक सप्ताह में मजदूरी देनी होगी अन्यथा ब्याज भी देना होगा। मजदूरों के काम मांगने पर काम न देने पर उन्हें बेरोजगारी भत्ता देना होगा।’’

बृजलाल ने कहा कि रक्षा के लिए दिया गया बजट पिछले साल की तुलना में एक लाख तीन हजार करोड़ रुपये अधिक है क्योंकि हमारी सीमाएं सुरक्षित रहनी चाहिए। ‘‘भारत आज आयातक नहीं, निर्यातक बन गया है। और पांचवी पीढ़ी के विमान भी भारत जल्द ही बना लेगा।’’

भाजपा की ही दर्शना सिंह ने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार यह पहला बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों का परिचायक है।

उन्होंने कहा ‘‘पहला कर्तव्य देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाना, उत्पादन और प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाना तथा बदलती वैश्विक परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना है। दूसरा कर्तव्य जनता की उम्मीदों को पूरा करना और उन्हें सक्षम बनाना है ताकि वह भारत की प्रगति सुनिश्चित कर सके। तीसरा कर्तव्य ‘सबका साथ सबका विकास’ के पथ पर चलते हुए यह सुनिश्चित करना है कि सबको समान अवसर मिलें।’’

दर्शना ने कहा कि तीनों कर्तव्य पूरे बजट का सार हैं या कहा जा सकता है कि बजट इन कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करता है और यह निश्चित रूप से ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि बजट दूरगामी सकारात्मक प्रभाव डालेगा और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के समय बिहार हमेशा उपेक्षित रहा लेकिन राजग सरकार ने इस स्थिति को बदला है।

बजट पर चर्चा में भाजपा के नरहरि अमीन ने भी हिस्सा लिया।

चर्चा अधूरी रही।

भाषा मनीषा माधव अविनाश

अविनाश