तृणमूल की बागी सांसद काकोली के बेटे ने ममता को उनके दिए तोहफे लौटाने की घोषणा की, नोटिस भेजेंगे

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तृणमूल की बागी सांसद काकोली के बेटे ने ममता को उनके दिए तोहफे लौटाने की घोषणा की, नोटिस भेजेंगे

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  • Publish Date - June 14, 2026 / 09:12 PM IST,
    Updated On - June 14, 2026 / 09:12 PM IST

कोलकाता, 14 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. वैद्यनाथ घोष ने रविवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उन्हें और उनकी पत्नी को दिए गए तोहफे लौटा देंगे।

उन्होंने इसके लिए ‘‘हाल की घटनाओं’’ और ‘‘अपनी अंतरात्मा’’ का हवाला दिया।

डॉ. वैद्यनाथ घोष ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी और तृणमूल के कई ऐसे सांसदों को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा, जिन्होंने कथित तौर पर उनके खिलाफ कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।

ये ऐसे सांसद हैं जो तृणमूल के बागी गुट का हिस्सा नहीं हैं।

डॉ. वैद्यनाथ घोष का यह बयान तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व और उनकी मां के नेतृत्व वाले पार्टी सांसदों के बागी गुट के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आया है।

डॉ. वैद्यनाथ घोष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैं ममता बनर्जी की ओर से मेरी पत्नी को हमारी शादी में मिली सोने की चेन और मुझे दुर्गा पूजा के दौरान तोहफे में मिले कुर्ता-पायजामा लौटा रहा हूं। मैं इस तोहफे के लिए आभारी रहा, लेकिन हाल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए और अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनते हुए इन तोहफों को लौटाना ही सही है।’’

सोशल मीडिया पर अपने बेटे की पोस्ट साझा करते हुए, बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने उनके फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तुम पर और तुम्हारी पत्नी पर गर्व है।’’

डॉ. वैद्यनाथ घोष ने यह भी कहा कि उनके एवं उनके परिवार के बारे में कथित तौर पर की गई टिप्पणियां करने को लेकर उनके वकील बनर्जी और तृणमूल के अन्य सांसदों को कानूनी नोटिस भेजेंगे।

उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हम सोमवार या मंगलवार को ममता बनर्जी, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा, सौगत रॉय और सोनाली गुहा को कानूनी नोटिस भेजेंगे। हम चाहते हैं कि तृणमूल प्रमुख और अन्य लोग अपनी टिप्पणियां वापस लें।’’

डॉ. वैद्यनाथ घोष के अनुसार, ममता बनर्जी ने लगभग एक महीने पहले प्रेसवार्ता में तृणमूल की एक सांसद का जिक्र किया था, जो कथित तौर पर अपने बेटे के लिए चुनाव का टिकट न मिलने के बाद पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि सीधे तौर पर उनकी मां या उनका नाम नहीं लिया गया, लेकिन इशारा उनके परिवार की ही तरफ था।

भाषा शफीक राजकुमार

राजकुमार