Reliance Meta Data Cente /Photo Credit: IBC24
मुंबई। Reliance Meta Data Cente: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और Meta ने गुजरात के जामनगर में AI–एनेबल्ड डेटा सेंटर बनाने के लिए साझेदारी की है। रिलायंस जामनगर में 168MW क्षमता वाला डेटा सेंटर विकसित करेगी, जिसे अगले दो वर्षों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। आगे जरूरत के हिसाब से इसकी क्षमता बढ़ाया जा सकेगा।
रिलायंस इस परियोजना में डेटा सेंटर का डिजाइन, निर्माण, बिजली और जरूरी सेवाओं का प्रबंधन, रिन्युएबल पावर सप्लाई, नेटवर्क कनेक्टिविटी और ऑपरेशनल सर्विसेज उपलब्ध कराएगी। यानी रिलायंस इस प्रोजेक्ट में Meta के लिए एंड-टू-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर की भूमिका निभाएगी।
यह भारत में Meta के लिए पहली बिल्ट-टू-सूट डेटा सेंटर क्षमता होगी। आसान भाषा में कहें तो यह डेटा सेंटर Meta की खास जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इससे Meta के AI इंफ्रास्ट्रक्चर, उसके मुख्य कारोबार और बड़े पैमाने की कंप्यूटिंग जरूरतों को मदद मिलेगी।
Reliance Meta Data Cente गुजरात का जामनगर एक अहम रणनीतिक स्थान है। यहां रिन्युएबल एनर्जी, पानी की उपलब्धता, जियो का बड़ा फाइबर नेटवर्क और पश्चिमी तट पर समुद्री इंटरनेट केबल लैंडिंग स्टेशनों की नजदीकी जैसे फायदे हैं। यह डेटा सेंटर रिन्युएबल एनर्जी से चलेगा और कूलिंग के लिए साफ किए गए समुद्री पानी का इस्तेमाल किया जाएगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि Meta के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा क्षण है। उन्होंने कहा कि रिलायंस विश्वस्तरीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो AI इनोवेशन की अगली पीढ़ी को भारत ही नहीं, दुनिया के लिए भी ताकत देगा। उनके मुताबिक जामनगर हाइपरस्केल AI कंप्यूटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
Meta के फाउंडर और CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनी भारत में अपना पहला AI-एनेबल्ड डेटा सेंटर रिलायंस के साथ बनाने को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा कि जामनगर की यह विश्वस्तरीय सुविधा Meta को अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने में मदद करेगी और भारत की अर्थव्यवस्था में Meta के दीर्घकालिक निवेश को और मजबूत करेगी।
Reliance Meta Data Cente रिलीज़ के मुताबिक यह साझेदारी भारत सरकार की उन प्राथमिकताओं से भी मेल खाती है, जिनमें डेटा सेंटर को रणनीतिक राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर माना गया है। यह प्रोजेक्ट भारत में वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को आकर्षित करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।