‘मैसूर के देवराज मार्केट, लैंसडाउन बिल्डिंग के जीर्णोद्धार के लिए रिपोर्ट तैयार’

‘मैसूर के देवराज मार्केट, लैंसडाउन बिल्डिंग के जीर्णोद्धार के लिए रिपोर्ट तैयार’

‘मैसूर के देवराज मार्केट, लैंसडाउन बिल्डिंग के जीर्णोद्धार के लिए रिपोर्ट तैयार’
Modified Date: July 30, 2026 / 04:39 pm IST
Published Date: July 30, 2026 4:39 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) मैसूरु नगर निगम ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने सौ साल से भी ज्यादा पुराने देवराज मार्केट और लैंसडाउन बिल्डिंग के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का फैसला किया है।

यह बाजार और इमारत 1880 के दशक में मैसूर के तत्कालीन महाराजा के शासनकाल में बनाई गई थी।

उच्चतम न्यायालय ने चार मई को कहा था कि दोनों ढांचों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए और जरूरी नवीनीकरण व जीर्णोद्धार का काम किया जाना चाहिए।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के अगस्त 2023 के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय सुनवाई कर रहा था जिसमें अधिकारियों को बाजार और इमारत को गिराने या दोबारा बनाने से रोकने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका खारिज कर दी गई थी।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई।

पीठ ने गौर किया कि मैसूरू नगर निगम की ओर से पेश वकील ने कहा है कि संस्था ने 13 जुलाई की अपनी बैठक में “देवराज मार्केट और लैंसडाउन बिल्डिंग के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का फैसला किया है”।

न्यायालय ने कहा कि इस मामले में निगम के फैसले को रिकॉर्ड पर रखा जाए।

पीठ ने इस बात पर खुशी जताई कि अधिकारियों ने दोनों ढांचों को सुरक्षित रखने का फैसला किया है।

न्यायालय ने कहा, “भारत अपने समृद्ध इतिहास और विरासत के लिए जाना जाता है। जहां तक संभव हो, इसे संरक्षित किया जाना चाहिए।”

न्यायालय ने चार मई को दो इमारतों की स्थिति पर रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट की जांच की थी।

समिति का मानना ​​था कि देवराज मार्केट और लैंसडाउन बिल्डिंग, दोनों को ही उनकी बेहद समृद्ध विरासत को देखते हुए फिर से ठीक किया और संरक्षित किया जा सकता है।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश


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