इसरो वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के इस्तीफे व वीआरएस को लेकर नियम सख्त करने का निर्देश

Ads

इसरो वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के इस्तीफे व वीआरएस को लेकर नियम सख्त करने का निर्देश

  •  
  • Publish Date - July 16, 2026 / 10:10 PM IST,
    Updated On - July 16, 2026 / 10:10 PM IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) अंतरिक्ष विभाग ने गगनयान मिशन जैसे राष्ट्रीय महत्व के मिशनों में काम कर रहे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के इस्तीफे व स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) को लेकर नियम सख्त करने के सिलसिले में इसरो के प्रमुख केंद्रों के लिए एक ज्ञापन जारी किया है।

मंगलवार को जारी किए गए ज्ञापन में इन केंद्रों को निर्देश दिया गया है कि वे ग्रुप ‘ए’ के वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी से जुड़े कर्मचारियों समेत विभिन्न कर्मियों के इस्तीफे या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अनुरोधों को नियमित रूप से स्वीकार न करें।

यह ज्ञापन ऐसे समय में जारी किया गया है जब खबरें आई हैं कि देशभर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के विभिन्न केंद्रों से 100 से अधिक कर्मचारियों ने अंतरिक्ष एजेंसी छोड़ दी है।

ज्ञापन में कहा गया है, “हाल के समय में यह देखा गया है कि प्रतिष्ठित गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों/परियोजनाओं से जुड़े इसरो के ग्रुप ‘ए’ वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और इस्तीफे के अनुरोध किए हैं, जिससे राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर गंभीर असर पड़ रहा है।”

ज्ञापन में कहा गया है, “इसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों/परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारियों के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति तथा इस्तीफे के अनुरोधों को सामान्य प्रक्रिया के तहत स्वीकार नहीं किया जाए।”

ज्ञापन के अनुसार, अब वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी से जुड़े कर्मचारियों, यहां तक कि वैज्ञानिक एवं इंजीनियर के पद या उससे नीचे के स्तर के कर्मचारियों के ऐसे अनुरोधों को अंतिम निर्णय के लिए उनके निदेशकों की ओर से ‘स्पष्ट सिफारिशों’ के साथ अंतरिक्ष विभाग को भेजना होगा।

इसरो के जिन केंद्रों को यह ज्ञापन मिला है, उनमें यू आर राव सैटेलाइट सेंटर (यूआरएससी) और विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी) शामिल हैं।

भाषा जोहेब माधव

माधव