हरियाणा में रक्त संचरण सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 54 करोड़ रुपये की मंजूरी

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हरियाणा में रक्त संचरण सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 54 करोड़ रुपये की मंजूरी

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  • Publish Date - April 3, 2026 / 06:35 PM IST,
    Updated On - April 3, 2026 / 06:35 PM IST

चंडीगढ़, तीन अप्रैल (भाषा) हरियाणा सरकार ने राज्य में रक्त संचरण सेवाओं को मजबूत करने के लिए करीब 54 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह निर्णय अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में राज्य रक्त संचरण परिषद (एचएसबीटीसी) की बैठक में लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय रक्त संचरण परिषद के तहत विशिष्ट कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए 11.60 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना को भी मंजूरी दी गई।

इस योजना के तहत रक्त बैग और जांच किट की खरीद, मोबाइल रक्त संग्रह वैन की तैनाती, 19 सरकारी रक्त अवयव पृथक्कीकरण इकाइयों का विस्तार और कर्मचारियों का प्रशिक्षण शामिल है।

वहीं राज्य के हिस्से के तहत 54.14 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इसमें रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए जरूरी दवाओं हेतु वित्तपोषण शामिल है।

राज्य में वर्तमान में 154 रक्त केंद्र हैं, जिनमें 34 सरकारी और 120 निजी केंद्र हैं। इनमें से 138 में अवयव पृथक्करण इकाइयां हैं और 65 केंद्र ‘प्लेटलेट एफेरेसिस’ सेवाएं प्रदान करते हैं।

‘प्लेटलेट एफेरेसिस’ एक विशेष चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें रक्तदाता के खून से केवल प्लेटलेट्स (रक्त कण) निकाले जाते हैं और बाकी रक्त (जैसे लाल रक्त कण, प्लाज्मा) वापस शरीर में लौटा दिया जाता है।

परिषद ने पानीपत के रक्त केंद्र को पूर्णत: स्वचालित इकाई में उन्नत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी और प्रत्येक जिले में कम से कम एक रक्त केंद्र सुनिश्चित करने का निर्णय लिया।

स्वैच्छिक रक्तदाताओं के लिए अल्पाहार भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये करने का प्रस्ताव है।

भाषा प्रचेता अविनाश

अविनाश