नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा किया जिसके कारण राज्यसभा की बैठक पांच बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब ढाई बजे पूरे दिन लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सके।
सदन की कार्यवाही चार बार के स्थगन के बाद जब दोपहर ढाई बजे पुन: शुरू हुई तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने फिर से शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और उन पर पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे।
उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि सुबह से अब तक कोई कामकाज नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, ‘‘सदन की गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। यह उच्च सदन है और इस तरह का व्यवधान उचित नहीं है।’’
हंगामा थमते न देख उन्होंने बैठक शुरू होने के एक मिनट के भीतर ही कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले सदन की कार्यवाही पहली बार आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखे जाने, नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण और दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद करीब साढ़े ग्यारह बजे तक स्थगित की गई थी।
इसके बाद दोपहर 12 बजे तक, फिर बारह बज कर 50 मिनट तक और फिर दोपहर दो बजे तक कार्यवाही स्थगित की गई। दो बजे हंगामे की वजह से ही बैठक ढाई बजे तक और फिर ढाई बजे बैठक मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
भाषा मनीषा अविनाश मनीषा माधव
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