गुरुवयूर, 15 जून (भाषा) केरल के देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार को कहा कि उन्होंने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) से शबरिमला में सोना चोरी मामले में जांच का सामना कर रहे अधिकारियों को बोर्ड में अहम पदों पर नियुक्त करने वाले हालिया परिपत्र को वापस लेने को कहा है।
मुरलीधरन ने यहां पत्रकारों से कहा कि उन्होंने शनिवार को त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार को पत्र लिखकर परिपत्र वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा, “बोर्ड के पास स्वतंत्र अधिकार हैं और सरकार उसके फैसलों में सीधे दखल नहीं दे सकती। फिर भी, मैंने शबरिमला में सोना चोरी मामले में जांच का सामना कर रहे लोगों को अहम पदों पर नियुक्त करने वाला परिपत्र वापस लेने की मांग की है।”
मुरलीधरन ने कहा कि उनका मानना है कि जयकुमार को भले ही पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार द्वारा नियुक्त किया गया था लेकिन वह निष्पक्ष तरीके से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर इस परिपत्र में सुधार नहीं किया गया, तो राज्य सरकार यह मानने पर मजबूर होगी कि मौजूदा बोर्ड की भी सोना चोरी घटना में संलिप्तता है।”
मंत्री ने कहा कि देवस्वोम विभाग इस मामले में आगे का तभी फैसला ले सकेगा, जब विशेष जांच दल (एसआईटी) दोनों मामलों में अपना आरोपपत्र दाखिल कर देगा।
उन्होंने बताया कि कथित सोना चोरी से जुड़े दोनों मामलों में एसआईटी ने अब तक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया है। मुरलीधरन ने कहा, “अगर आरोपपत्र में कोई खामियां पाई जाती हैं, तो मंत्रिमंडल आगे की जांच पर फैसला करेगा।”
उन्होंने कहा, “अगर आरोपपत्र में दिए गए निष्कर्ष संतोषजनक नहीं हुए, तो हम हस्तक्षेप करेंगे।”
मुरलीधरन ने यह भी कहा कि शबरिमला मामले से जुड़े और भी खुलासे सामने आने की संभावना है।
उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व देवस्वम मंत्री वी एन वासवन स्वयं कह चुके हैं कि अभी और खुलासे होने बाकी हैं। जब नए खुलासे सामने आएंगे, तो उनके आधार पर जांच की जाएगी।’’
वासवन ने हाल में संकेत दिया था कि और खुलासे हो सकते हैं। यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई थी जिनमें कहा गया था कि टीडीबी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व विधायक पद्मकुमार एक पुस्तक लिख रहे हैं, जिसमें पहाड़ी मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं तथा उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद दो महिलाओं के मंदिर में प्रवेश से संबंधित घटनाक्रम का विवरण दिया जाएगा।
इस बीच, गृह मंत्री चेन्निथला ने कहा कि पद्मकुमार के कथित खुलासों संबंधी मीडिया की खबरें नई जांच शुरू करने का आधार नहीं बनतीं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पद्मकुमार शबरिमला सोना चोरी मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक हैं। यदि वह कोई खुलासा करते हैं, तो विशेष जांच दल (एसआईटी) यह देखेगा कि वह प्रासंगिक है या नहीं। नई जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।’’
भाषा जितेंद्र अमित
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